बहराइच

भेड़िए का आतंक, सो रहे पति-पत्नी को मार डाला, तीन और लोगों पर किया हमला

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के कैसरगंज रेंज के मंझारा तौकली गांव में आदमखोर भेड़िए का आतंक फिर से भयानक रूप ले चुका है। सोमवार रात भेड़िए ने सो रहे दंपत्ति पर हमला कर उन्हें मार दिया।
3 min read
• •
Updated: 30 Sep 2025, 3:36 PM IST
Feature image
भेड़िया की प्रतीकात्मक तस्वीर।

बहराइच : उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के कैसरगंज रेंज के मंझारा तौकली गांव में आदमखोर भेड़िए का आतंक फिर से भयानक रूप ले चुका है। सोमवार रात एक बुजुर्ग दंपत्ति पर भेड़िए के हमले में उनकी दर्दनाक मौत हो गई। भेड़िए ने न केवल उनके हाथ-पैर चबा लिए, बल्कि शरीर के ऊपरी हिस्से को भी नोच-खाया। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया और एसडीओ की गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसी बीच, दंपत्ति की मौत से पहले भेड़िए ने तीन अन्य लोगों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।

खेत की रखवाली के दौरान हमला

मृतक दंपत्ति में 75 वर्षीय खेदन और उनकी 70 वर्षीय पत्नी मनखिया शामिल हैं। सोमवार रात दोनों खेत की रखवाली करने गए थे। करीब एक बजे रात को खाना खाने के बाद वे खेत में बनी झोपड़ी में सो गए। मंगलवार सुबह करीब 9 बजे जब वे घर नहीं लौटे, तो परिजन उन्हें ढूंढने पहुंचे। वहां का नजारा देखकर सब सन्न रह गए, दंपत्ति के शव लहूलुहान पड़े थे। घटनास्थल पर भेड़िए के निशान मिले, सो रहे दंपति पर हमला करके भेड़िए ने उन्हें मार दिया। फिर हाथ-पैर और ऊपरी हिस्से को चबाया। इससे पहले भेड़िया मुख्य रूप से मासूम बच्चों को निशाना बना रहा था।

तीन अन्य लोगों पर भी भेड़िए ने किया हमला

दंपत्ति की मौत से ठीक पहले भेड़िए ने तीन अन्य ग्रामीणों पर हमला किया था। इनमें गंधू झाला ग्राम की मीना देवी, भृगुपुरवा की धनपतिया और प्यारेपुरवा की सेबरी शामिल हैं। तीनों बुरी तरह घायल हैं और गांव के ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, इनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने किया हमला

भेड़िए के हमले की खबर फैलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। एसडीओ राशिद जमील अपनी टीम के साथ जांच के लिए गए थे, लेकिन गुस्साए ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से उन पर हमला कर दिया। उन्होंने एसडीओ की गाड़ी में तोड़फोड़ की और टीम को खदेड़ दिया। वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी किसी तरह अपनी जान बचाकर भागे। ग्रामीण अब शवों को पुलिस को सौंपने से पहले जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) को बुलाने पर अड़े हैं। उनका कहना है कि वन विभाग की लापरवाही से ही यह हालात बने हैं।

अब तक इतने लोग हो चुके भेड़िए का शिकार

इस घटना के बाद बहराइच के इस इलाके में भेड़िए के हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है, जिसमें 4 मासूम बच्चे शामिल हैं। वहीं, 17 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। पिछले साल भी भेड़ियों के हमलों में 10 लोगों की जान गई थी।

दो दिन पहले भेड़िए को मार गिराने का दावा

दो दिन पहले रविवार की रात वन विभाग ने इसी गांव में एक नर भेड़िए को मार गिराने का दावा किया था। डीएफओ रामसिंह यादव ने बताया कि ड्रोन कैमरे से भेड़िए का शव मिला था, जिससे ग्रामीणों में थोड़ी राहत की उम्मीद जगी थी। हालांकि, डीएफओ और रेंजर के बीच इस दावे को लेकर मतभेद हैं। डीएफओ ने कहा, 'हम टीम को मौके पर भेज रहे हैं। ग्रामीणों का गुस्सा समझ में आता है, लेकिन विभाग प्रयासरत है।'

करीब चार दिन पहले, शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भेड़िए के आतंक से जूझ रहे मंझारा तौकली क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया था। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया। सीएम ने वन विभाग को सख्त निर्देश दिए थे कि भेड़ियों को जिंदा पकड़ने की कोशिश करें, लेकिन अगर न पकड़े जाएं तो गोली मार दें। उन्होंने कहा था, 'जनता को इस समस्या से निजात मिलनी चाहिए।' इसके बावजूद आज की घटना ने एक बार फिर इलाके में खौफ पैदा कर दिया है।

Updated on:
30 Sep 2025, 3:36 PM IST
Published on:
Also Read
View All