बहराइच में अपनी औलाद के लिए मौत से भिड़ने वाली एक मां की दिलेरी की चर्चा सबकी जुबान पर है...
बहराइच. अपनी औलाद के लिए मौत से भिड़ने वाली एक मां की दिलेरी की चर्चा सबकी जुबान पर है। चर्चा होनी भी चाहिये, क्योंकि ये मां अपनी 12 वर्षीय बेटी को बचाने के लिये आदमखोर तेंदुए से भिड़ गई। 15 मिनट तक उसने बहादुरी से तेंदुए का सामना किया और आमदखोर को भागने पर विवश कर दिया।
हैरतअंगेज मामला थाना सुजौली क्षेत्र का है। कतर्नियाघाट जंगल के निशानगाढ़ा रेंज इलाके में एक 12 वर्षीय बेटी पर घात लगाए बैठे आदमखोर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। मां ने बेटी की जान खतरे में देख सीधे तेंदुए पर ही हमला बोल दिया। एक मां की हिम्मत के आगे उस आदमखोर तेंदुए को भी घुटने टेकने पड़े। आखिरकार आदमखोर तेंदुए को मासूम बच्ची को मौके पर छोड़ भागना पड़ा। तेंदुए के हमले में बच्ची बुरी तरह घायल हो गई, जिसका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
15 मिनट तक तेंदुए से भिड़ी मां
आजमगढ़ निवासी सिंधु अपनी 12 साल की बेटी खुशबू के साथ अपने भाई के घर में वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने कतर्नियाघाट जंगल से सटे रमपुरवा बनकटी आई हुई थी। सुबह तड़के बेटी को शौच कराने जब वो बाहर निकली तो पहले से घात लगाए बैठे एक आदमखोर तेंदुए ने अचानक खुशबु पर हमलाकर उसे दबोच लिया। बेटी को आदमखोर जानवर के पंजे में देख मां कांप उठी और क्षण भर में एक बड़ा फैसला ले लिया। बेटी को आदमखोर की गिरफ्त में देख मां तेंदुए पर झपट पड़ी। तेंदुआ बच्ची का शिकार करना चाहता और सिंधु उसे बचाना चाहती थी। आखिरकार जीत ममता की ही हुई। 15 मिनट तक तेंदुए से लड़ने के बाद सिंधु अपनी बेटी को उसके चंगुल से छुड़ाने में कामयाब हो सकी।
जिला अस्पताल में भर्ती है मासूम
तेंदुए के हमले से मासूम को गंभीर चोटें आई हैं। आनन-फानन में उसे मिहिपुरवा सीएचसी में भर्ती करवाया गया। डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल खुशबु की हालत स्थिर बताई जा रही है।
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