बालाघाट

‘पापा… जल्दी घर आ जाना’, दो मासूम बेटियों की दुआओं पर टिकी है पिता की जिंदगी, मदद का इंतजार

Kidney Failure Patient Help: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिसे के रहने वाले प्रकाश की दोनों किडनी फेल, 7 दिन में दो बार डायलिसिस से कमजोर हो रहा, पत्नी किडनी देने को तैयार, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण नहीं हो पा रहा इलाज, डायलिसिस के लिए जाते पिता प्रकाश को हर बार दो मासूम बेटियां बस एक ही दुआ देती हैं, पापा जल्दी घर आना...
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Jun 29, 2026
kidney failure patient help Balaghat
kidney failure patient help Balaghat: अपने हंसते खेलते परिवार पत्नी और दो बेटियों के साथ प्रकाश। (फोटो सोर्स: patrika, Edited By AI)

Kidney Failure Patient Help: दोनों किडनी फेल होने की गंभीर बीमारी से जूझ रहे शहर के भटेरा निवासी प्रकाश उर्फ विक्की ठाकुर के परिवार में पत्रिका की पहल के बाद उम्मीदें जागी हैं। उन्हें संबल मिला है कि उनका मामला पत्रिका में प्रकाशित होने के बाद लोगों की नजरें उन पर पड़ी हैं। लोग छोटा-मोटा ही सही सहयोग के लिए भी हाथ बढ़ा रहे हैं। हालांकि अब भी किडनी ट्रांसप्लांट में आने वाले करीब छह लाख रुपए के खर्च की व्यवस्था परिवार नहीं कर पाया है। किडनी ट्रांसप्लांट को तरस रहे प्रकाश को अब सप्ताह में दो बार डायलिसिस करवाना पड़ रहा है। हर डायलिसिस के बाद प्रकाश कमजोर होता जा रहा है।

पत्नी मीरा ठाकुर का कहना है कि, पति प्रकाश को स्वस्थ करने के लिए अब एक मात्र उपाय है किडनी ट्रांसप्लांट यही प्रकाश की जिंदगी का आखिरी विकल्प भी रह गया है। इसी आर्थिक खर्च के लिए मीरा लगातार कड़ा संघर्ष कर रही हैं। लोगों से प्रशास न से गुहार लगा रही हैं।

पत्नी ने नहीं मानी हार

प्रकाश की पत्नी मीरा उर्फ पुष्पा ठाकुर ने भी हार नहीं मानी है। वह बालाघाट के भटेरा में अपने परिवार के साथ ही रहकर ब्यूटी पार्लर चलाकर किसी तरह परिवार का खर्च संभाल रही है। दूसरी ओर पति के इलाज के लिए जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, समाजसेवियों और हर उस व्यक्ति के दरवाजे तक पहुंच रही हैं, जहां से उन्हें मदद की उम्मीदें हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते आर्थिक सहायता मिल जाए, तो पहले डॉक्टरों द्वारा बताई गई यूरिन ट्यूब की सर्जरी और उसके बाद किडनी ट्रांसप्लांट कराया जा सकता है।

पत्नी किडनी देने को तैयार, सहयोग की अपील कर रहा परिवार

पत्नी मीरा पति को अपनी किडनी दान करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। केवल सहयोग की अपील कर रही हैं। प्रकाश ठाकुर उसकी पत्नी मीरा और दोनों बच्चों ने समाज सेवियों, जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से विनम्र अपील की है कि जो भी जिस तरह का भी सहयोग कर सकते हैं उन्हें करें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से भी स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर मदद की गुहार लगाई है।

पापा जल्दी घर आ जाना

प्रकाश के परिवार में दो मासूम बेटियां हैं महक (12) और हनीप्रीत (8)। दोनों ही शायद बीमारी की गंभीरता से पूरी तरह वाकिफ नहीं हैं। लेकिन इतना जरूर जानती हैं कि उनके पापा पहले जैसे नहीं हैं, वे गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। जब भी प्रकाश अस्पताल जाते हैं, दोनों बेटियां हाथ जोड़कर भगवान से यही प्रार्थना करती हैं कि उनके पापा जल्द स्वस्थ होकर घर लौट आएं। घर में इलाज और पैसों की चर्चा होती है, तो दोनों चुपचाप अपनी मां को देखती रहती हैं।

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Updated on:
29 Jun 2026 02:36 pm
Published on:
29 Jun 2026 01:22 pm