बालाघाट

बालाघाट में आदिवासियों के बीच दिखा राहुल गांधी का देशी अंदाज

Rahul Gandhi Visit: राहुल गांधी दोपहप में 2:45 बजे ग्राम जगला पहुंचे, आदिवासियों के साथ जमीन पर बैठे राहुल, बच्चे को गोद में उठाकर खिलाया और युवक के साथ सेल्फी भी खिंचवाई, दोपहर 3:27 बजे गांव से हुए रवाना।
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balaghat rahul gandhi
balaghat rahul gandhi, आदिवासियों के बीच बैठकर बातचीत करते राहुल गांधी (Source- @jitupatwari X)

Rahul Gandhi Balaghat Tribal Visit: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी गुरुवार को मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के दौरे पर थे। इस दौरान राहुल गांधी उन पीड़ित आदिवासी परिवारों से मिले जिन्होंने बीते दिनों अपने बच्चों को खोया है। राहुल गांधी ने आदिवासियों के बीच पहुंचकर उनका दर्द जाना और जमीन पर बैठकर आदिवासी परिवारों से चर्चा की। आदिवासी परिवारों से मुलाकात के दौरान राहुल गांधी का देशी अंदाज भी देखने को मिला। आदिवासी परिवारों से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदेश व केन्द्र सरकार पर निशाना भी साधा।

तस्वीरों में देखिए राहुल गांधी का देशी अंदाज

आदिवासियों से चर्चा करते राहुल गांधी (Source- @jitupatwari X )

राहुल गांधी ने जमीन पर बैठकर आदिवासियों से बातचीत की। राहुल गांधी ने आदिवासियों के दर्द को समझा और भरोसा दिलाया कि कांग्रेस की सरकार आने पर उन्हें हर वो सुविधा मुहैया कराई जाएगी जिससे वो अब तक वंचित रहे हैं।

राहुल गांधी के साथ सेल्फी लेता आदिवासी युवक (Source- @jitupatwari X)

जब राहुल गांधी आदिवासी परिवारों से मुलाकात कर रहे तब एक आदिवासी युवक ने उनके साथ सेल्फी लेने की बात कही। राहुल गांधी ने युवक के साथ सेल्फी भी खिंचवाई।

बच्चे को गोद में उठाते राहुल गांधी (Source- @jitupatwari X)

राहुल गांधी ने इस दौरान आदिवासी परिवार के एक बच्चे को गोद में उठाकर लाड़ भी किया।

सरकार पर बरसे राहुल गांधी

पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि 'मध्य प्रदेश में सरकार पूरी तरह से नाकाम रही है। आप कहीं भी जाएं, आपको यही दिखेगा। यह सरकार की 100% नाकामी है। मैं लोकसभा में यह मुद्दा उठाऊंगा। मैं लोकसभा में न सिर्फ उनके मामले को, बल्कि देश भर के सभी आदिवासियों के साथ जो हो रहा है, उस मुद्दे को भी उठाऊंगा।'

स्वास्थ्य और शिक्षा पर ध्यान नहीं दे रही सरकार- राहुल

राहुल गांधी मृतक बच्चों के गांव में करीब 45 मिनट रहे। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिजनों से बातचीत कर उनकी व्यथा जानी। इसके बाद मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि, सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रही है। हमारी सरकार आएगी तो इस गंभीर विषय पर विशेष फोकस किया जाएगा। उन्होंने कहा कि, क्षेत्र में लगातार बच्चों की जान जा रही है लेकिन, न तो मरीज बच्चों को पर्याप्त उपचार मिला और ना ही मृतक बच्चों के परिजन को मुआवजा राशि दी गई है। सरकार अपनी ब्रांडिग के लिए तो कई योजनाएं चला रही है, पर ग्रामीणों को अधिकतर योजनाओं का लाभ तक नहीं मिल रहा।

बैगा इलाकों में अब तक 34 मासूमों की जान गई

आपको बता दें कि, बालाघाट के बैहर और बिरसा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले आदिवासी बैगा इलाकों में बीते कई दिनों से मलेरिया, खसरा, कुपोषण और अन्य संक्रमित बीमारियों का प्रकोप है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण की चपेट में आकर दोनों इलाकों में अब तक 34 बच्चों की जान जा चुकी है। हालांकि, सरकारी आंकड़ों से इतर बैहर से कांग्रेस विधायक संजय उइके का बच्चों की मौतों पर अपना दावा है। उनका कहना है कि, यहां अबतक 43 आदिवासी मासूम जान गंवा चुके हैं।

Updated on:
01 Oct 2026 07:14 pm
Published on:
01 Oct 2026 07:13 pm