
MP News : 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी एमपी की सत्ता में आई थी। लेकिन, ये सरकार महज 15 महीने ही रही। उपचुनाव हुए जिसमें भाजपा ने सत्ता में वापसी कर ली। फिर, 2023 के चुनाव में कांग्रेस को मिली हार के बाद उन्होंने सत्ता पक्ष पर वोट चोरी से सरकार बनाने के आरोप लगाए। लेकिन अब 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी खुद एमपी में सक्रीयता बढ़ाने लगे हैं। यही कारण है कि, महज 13 दिनों के भीतर वो दूसरी बार मध्य प्रदेश दौरे पर आ रहे हैं। राहुल गांधी के इन दौरों से ये भी साफ है कि, उनका खास फोकस देश के साथ साथ एमपी के युवाओं और आदिवासी वर्ग पर है।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इस बार के विधानसभा चुनाव से दो साल पहले ही सूबे को लेकर कमर कस चुके हैं। यही कारण है कि, मध्य प्रदेश के बाहुल आदिवासी वर्ग के साथ साथ युवाओं पर उनका खास फोकस है। पिछले दिनों 19 सितंबर को राहुल गांधी इंदौर शहर में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। पार्ची के अनुसार, ये कार्यक्रम नॉन पॉलिटिकल था, लेकिन युवाओं का बड़ा समर्थन मिला। इंदौर के कार्यक्रम की सफलता के बाद कांग्रेस नेता मुकेश नायक ने नया ऐलान करते हुए कहा कि, राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम एमपी के हर शहर में होगा। यहां तक की उन्होंने अगले शहर की घोषणा भी की थी। नायक के अनुसार, जबलपुर में अगला कार्यक्रम होने की जानकारी दी गई थी। हालांकि, उसकी तारीखों की घोषणा से पहले राहुल गांधी का बालाघाट दौरा तय हो गया है।
आपको बता दें कि, इस बार राहुल गांधी 1 अक्टूबर को एमपी के बालाघाट आ रहे हैं। यहां वो आदिवासी बच्चों की मौत के बाद पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे। अब तक के तय कार्यक्रम के मुताबिक, राहुल गांधी बालाघाट के बैहर और बिरसा का दौरान कर पीड़ित आदिवासी परिवारों से मिलने पहुंचेंगे।
आपको बता दें कि, पिछले दिनों बालाघाट जिले में आदिवासी बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि, इन बच्चों की मौत मलेरिया और कुपोषण जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते हुई है। इस घटना ने आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं और बच्चों के पोषण को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। राहुल गांधी अपने दौरे के दौरान प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के साथ मृतक बच्चों के परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं जानेंगे। इस दौरान वे स्थानीय लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और संबंधित लोगों से भी जानकारी ले सकते हैं।