Ballia Hospital Video:बलिया के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बिजली गुल होने पर डॉक्टरों को मोबाइल टॉर्च की रोशनी में मरीजों का इलाज करना पड़ा। वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस ने इसे यूपी की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था बताते हुए योगी सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर तीखा हमला बोला।
Ballia Hospital Viral Video: उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने बलिया के एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर BJP सरकार पर बड़ा हमला बोला है। वीडियो में अस्पताल के अंदर अंधेरा दिखाई दे रहा है, जबकि डॉक्टर मोबाइल की टॉर्च जलाकर मरीजों का इलाज करते नजर आ रहे हैं। कांग्रेस ने इसे प्रदेश की “हाईटेक स्वास्थ्य व्यवस्था” की असल तस्वीर बताया है।
Congress ने अपने पोस्ट में लिखा कि BJP सरकार लगातार प्रदेश में बेहतर और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं का दावा करती है, लेकिन बलिया के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की तस्वीर उन दावों की पोल खोल रही है। पार्टी के मुताबिक अस्पताल में बिजली गुल हो गई थी और मरीज इलाज के लिए परेशान रहे। आरोप लगाया गया कि अस्पताल का जनरेटर भी खराब पड़ा था, जिसके चलते डॉक्टरों को मोबाइल की टॉर्च के सहारे इलाज करना पड़ा।
Congress ने सवाल उठाया कि जब अस्पतालों में आपातकालीन सेवाओं के लिए बैकअप सिस्टम होना चाहिए, तब ऐसी लापरवाही कैसे हो सकती है। पार्टी ने कहा कि अगर इस दौरान किसी मरीज की जान चली जाती, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता।
मामले में CMO की ओर से इसे “क्षणिक समस्या” बताया गया। कांग्रेस ने इसी बयान को लेकर भी सरकार को घेरा। पार्टी ने कहा कि बिजली कटने के साथ ही जनरेटर का खराब हो जाना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। सोशल मीडिया पर कांग्रेस ने लिखा कि क्या अस्पतालों की लाइफ सपोर्ट और इमरजेंसी व्यवस्था भी अब “क्षणिक समस्याओं” के भरोसे चल रही है।
इस Viral Video के सामने आने के बाद प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है। विपक्ष लगातार सरकारी अस्पतालों में संसाधनों की कमी और अव्यवस्थाओं का मुद्दा उठा रहा है। वहीं भाजपा सरकार दावा करती रही है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर काम हुआ है।
हालांकि Ballia की यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और लोग अस्पतालों की बदहाल स्थिति पर सवाल उठा रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और जांच के बाद क्या रिपोर्ट सामने आती है।