CG Road Accident: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में 13 घंटे के भीतर दो सड़क हादसों में 7 वर्षीय बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई। दोनों मामलों में ट्रक चालकों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
CG Road Accident: बालोद जिला में महज 13 घंटों के भीतर हुई दो भीषण सड़क दुर्घटनाओं ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। इन हादसों में दो युवकों और एक 7 वर्षीय मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई, जिससे कई परिवारों में मातम पसर गया है। दोनों ही मामलों में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए ट्रक चालकों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
पहली घटना रनचिरई थाना क्षेत्र के धमतरी-गुंडरदेही मुख्य मार्ग पर अरमरीकला-पिकरीपार के पास हुई। बीती शाम करीब 5:30 बजे एक महाराष्ट्र पासिंग ट्रक ने सड़क किनारे मौजूद 7 वर्षीय बच्चे को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी तेज थी कि बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने उचित मुआवजे, स्पीड ब्रेकर निर्माण और आरोपी चालक पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर करीब साढ़े तीन घंटे तक सड़क जाम रखा। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया।
दूसरी घटना सुबह डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र के लोहरा–राजनांदगांव मुख्य मार्ग पर अछोली के पास हुई। यहां एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि ट्रक डौंडीलोहारा से राजनांदगांव की ओर जा रहा था, जबकि दोनों युवक बाइक से विपरीत दिशा में आ रहे थे। अछोली के पास अचानक ट्रक ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक दूर जा गिरे। एक युवक सड़क से उछलकर नीचे जा गिरा, जबकि दूसरे की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। दोनों हादसों के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रक चालकों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इन लगातार हुए हादसों ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
CG Road Accident: ग्रामीणों की मांग भी यही है कि हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। महज कुछ घंटों के भीतर तीन जिंदगियों का यूं खत्म हो जाना न सिर्फ परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है। सड़क पर एक छोटी सी लापरवाही किसी का पूरा जीवन छीन सकती है। अब जरूरत है कि प्रशासन, पुलिस और आम जनता—सभी मिलकर सड़क सुरक्षा को गंभीरता से लें, ताकि ऐसे हादसों पर रोक लगाई जा सके और किसी और घर का चिराग यूं न बुझे।