
Balod Villages Alcohol Ban: सरकारी अभियानों और पुलिस कार्रवाई के भरोसे बैठने के बजाय बालोद जिले के छह गांवों ने सामाजिक बुराइयों को जड़ से मिटाने की जिम्मेदारी खुद अपने कंधों पर उठा ली है। ग्रामीणों ने एकजुट होकर कड़े नियम बनाए, भारी जुर्माना तय किया और 24 घंटे निगरानी की ठोस व्यवस्था खड़ी कर दी।
इस अनूठी सामुदायिक पहल का नतीजा यह है कि घुमका, पोंडी, कुरदी, जगन्नाथपुर, बघमरा और सुरडोंगर-मरकाटोला में अवैध शराब की बिक्री, शराब पीकर हुल्लड़बाजी और जुआ-सट्टे के मामलों पर पूरी तरह से लगाम लग गई है। स्थानीय पुलिस का भी मानना है कि ग्रामीणों की इस कड़ाई से इन क्षेत्रों में अपराध 90 फीसदी तक घट गए हैं।
बालोद थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा का कहना है कि ग्रामीणों की इस सजगता से क्षेत्र में अपराध लगभग 90 प्रतिशत तक कम हो गए हैं। घुमका जैसे गांवों में बीते दो-तीन साल से अवैध शराब बिक्री का एक भी मामला सामने नहीं आया है। जुआ-सट्टा थमने से सामाजिक माहौल सुधरा है। पुलिस अन्य गांवों को भी इस मॉडल को अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।
घुमका: यहां 2022 से शराब बेचने और खरीदने पर 51 हजार रुपए का भारी जुर्माना निर्धारित है। नियम तोड़ने पर पहले पुरुष समझाइश देते हैं। बात न बनने पर महिला समिति कमान संभालती है। इससे महिलाओं में सुरक्षा की भावना बढ़ी है। आसपास के 10 गांव भी इस मॉडल को अपना रहे हैं।
सुरडोंगर-मरकाटोला: वनांचल के इस गांव की ग्रामसभा ने पूर्ण नशाबंदी का प्रस्ताव पास किया है। घर में नशा करते पकड़े जाने पर 3,500 रुपए और अवैध शराब बनाने पर 35 हजार रुपए का जुर्माना तय है। सूचना देने वाले को 5 हजार रुपए का इनाम दिया जाता है। उपसरपंच किशोर कुमार साहू ने यह जानकारी दी।
जगन्नाथपुर: जगन्नाथपुर (सांकरा) की ग्राम समिति में अध्यक्ष से लेकर सदस्य तक सभी महिलाएं हैं। ग्राम अध्यक्ष कोमिन साहू के नेतृत्व में महिलाओं ने शराबखोरी और हुल्लड़बाजी रोकने के लिए 25 हजार रुपए का जुर्माना तय किया है।
पोंडी: सरपंच दिनेश्वरी साहू के मुताबिक, तीन साल पहले अवैध शराब और जुआ-सट्टे पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लागू किया गया था। नियम तोड़ने वालों से कड़ाई से वसूली की गई, जिसके बाद से ऐसे मामलों पर विराम लग गया।
कुरदी व बघमरा: कुरदी में शराब बेचने पर 10 हजार और खरीदने पर 15 हजार रुपए का जुर्माना है। सरपंच संजय कुमार की पहल पर गांव में सीसीटीवी कैमरे लगाकर आधुनिक निगरानी की जा रही है। बघमरा में भी इसी तर्ज पर कड़ाई बरती जा रही है।