बालोद

Principal Suspension: एक साथ 8 प्राचार्य निलंबित, 14 की वेतनवृद्धि रोकी गई, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

Board exam results: खराब प्रदर्शन के चलते आठ प्राचार्यों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि 14 प्राचार्यों की वेतनवृद्धि रोक दी गई है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही को लेकर बहस तेज हो गई है।

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May 11, 2026
Principal Suspension (Photo - Patrika)

Principal Suspension: बीते 14 साल में इस साल माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षा में बालोद जिले का सबसे खराब प्रदर्शन रहा है। जिला शिक्षा विभाग व कलेक्टर ने खराब परीक्षा परिणाम पर कार्रवाई की है। अति कमजोर प्रदर्शन वाले आठ प्राचार्यों को निलंबित कर दिया है, जबकि 14 प्राचार्यों की वेतन वृद्धि रोक दी गई है। जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग का कहना है कि स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक व संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद कमजोर परीक्षा परिणाम लापरवाही का नतीजा है। इस कार्रवाई को शिक्षक संगठनों ने गलत व एकपक्षीय बताया है।

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खराब परीक्षा परिणाम

इस वर्ष कक्षा 10वीं में जिले को प्रदेश में 29वां एवं कक्षा 12वीं में 30वां स्थान प्राप्त हुआ है। जिला शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार सत्र 2025-26 में कक्षा 10वीं की परीक्षा में कुल 10,551 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिसमें 2,520 अनुत्तीर्ण रहे। जिले का कुल परीक्षा परिणाम 65.94 प्रतिशत रहा। कक्षा 12वीं की परीक्षा में कुल 8,782 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिसमें से 819 अनुत्तीर्ण रहे।

30 से 47 प्रतिशत तक की गिरावट

रिपोर्ट के अनुसार कक्षा 10वी के परीक्षा परिणामों में कई विद्यालयों में 30 से 47 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम भी कई स्कूलों में पिछले वर्ष की तुलना में काफी कमजोर पाए गए।

इन 14 प्राचार्यों की रोकी गई वेतन वृद्धि

बालोद के सेजेस लाटाबोड़ के प्राचार्य फत्तेराम कोसरिया, हायर सेकंडरी भें. नवागांव के प्राचार्य परदेशीराम सिन्हा, डौंडीलोहारा के सेजेस अछोली के प्राचार्य रामजीलाल तारम, डौंडी के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भैंसबोड़ के प्राचार्य रामसेवक रायपुरिया, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुजरा की प्राचार्य लीना थामस, सेजेस नयाबाजार के प्राचार्य महेश कुमार गोरे, शासकीय हाईस्कूल मंगलतराई के प्राचार्य गुलशन कुमार बेसेकर, गुरुर के सेजेस बोहारा के प्राचार्य नरेंद्र कुमार भारद्वाज, शासकीय हाईस्कूल बागतराई के प्राचार्य हलालखोर रात्रे, शासकीय उमा विद्यालय बालक गुरुर के प्राचार्य तपेश गौतम आदि प्राचार्यों की वेतनवृद्धि रोकी गई।

बिना स्पष्टीकरण और समीक्षा के कार्रवाई करना गलत

राज्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र देशलहरे ने कहा कि बोर्ड परीक्षा परिणाम कम आने के कई कारण हो सकते हैं। बिना स्पष्टीकरण और समीक्षा बैठक के सीधे प्राचार्य को निलंबित करना और वेतन वृद्धि रोकना उचित नहीं है। इसकी जवाबदेही तय हो, यदि प्राचार्य दोषी है तो जिले में बैठे वे सभी अधिकारी दोषी हैं, जो परीक्षा की योजना बनाते और उनका मूल्यांकन करते हैं। उन पर भी इसी तरह की कार्रवाई होनी चाहिए। निलंबन तत्काल वापस लिया जाए अन्यथा आंदोलन किया जाएगा।

प्राचार्यों पर इस तरह की कार्रवाई अनुचित

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा और जिला अध्यक्ष दिलीप साहू ने बालोद जिले में बोर्ड परीक्षा परिणाम को लेकर प्राचार्यों पर कार्रवाई को अनुचित बताया। जिला कलेक्टर ने शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर यह कार्रवाई की है। प्राचार्यों का पक्ष सुने बिना एकपक्षीय निर्णय लिया गया है। कलेक्टर को प्राचार्यों को निलंबित करने का अधिकार नहीं है। वे केवल अनुशंसा कर सकते हैं। एसोसिएशन के प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान और वाजिद खान ने कहा कि इससे शिक्षकों को मनोबल गिरेगा।

50% से अधिक परिणाम वाले स्कूलों पर कार्रवाई गलत

उन्होंने कहा कि दो वर्षों के परिणाम को आधार बनाकर 50 प्रतिशत से अधिक परिणाम वाले स्कूलों पर भी कार्रवाई की गई है, जो अनुचित है। कई प्राचार्य तो दो-तीन माह पहले ही पदोन्नति से पदांकित हुए हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि डीईओ ने शिक्षकों को लगातार गैर शैक्षणिक आयोजनों में शामिल रखा, जिससे छात्रों की तैयारी का अपेक्षित समय नहीं मिला। विद्यार्थी और पालक भी परिणाम के लिए जिम्मेदार होते हैं। डीईओ को तत्काल पद से हटाया जाए। वे अपनी जिम्मेदारी अधीनस्थ पर थोप रही हैं।

इन आठ प्रचार्यों को किया गया निलंबित

जिला प्रशासन ने डौंडीलोहारा ब्लॉक के पीएमश्री सेजेस डौंडीलोहारा के प्राचार्य दिलीप देवहरे, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरथुली के प्राचार्य घनाराम देशमुख, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नाहंदा की प्राचार्य सरोज साहू, गुरुर ब्लॉक के शासकीय हाईस्कूल सोहपुर के प्राचार्य बालसिंह मंडावी, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भिरई के देवरी/द की प्राचार्य निशा नून एवं डौंडी ब्लॉक के पीएमश्री सेजेस डौंडी के प्राचार्य को निलंबित किया गया है।

विषय विशेषज्ञ और शिक्षकों को राहत, प्राचार्य को ही दोषी ठहरा रहे

इधर प्राचार्य दबी जुबान में कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि मामले में संबंधित विषय विशेषज्ञ और शिक्षकों को राहत दी गई है, जबकि परिणाम की मुख्य जिम्मेदारी उनकी ही है। कई व्याख्याताओं के विषयों का परिणाम शून्य प्रतिशत रहने के बावजूद उन पर कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं प्राचार्यों पर कार्रवाई की गई है। परीक्षा परिणाम एक व्यक्ति की नहीं बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है। केवल प्राचार्यों को दोषी ठहराना न्याय संगत नहीं है। प्राचार्यों ने शून्य से 30 प्रतिशत परिणाम देने वाले शिक्षकों पर भी कार्रवाई की मांग की है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और सभी पर समान निर्णय हो।

मधुलिका तिवारी, जिला शिक्षा अधिकारी, बालोद के मुताबिक, स्कूलों में शिक्षा के स्तर को बेहतर करने निर्देशित किया गया था। जिन स्कूलों में परीक्षा परिणाम कमजोर हैं, वहां के प्राचार्यों को नोटिस जारी किया गया है।

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Published on:
11 May 2026 05:00 pm
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