बालोद

बसों का सफर हुआ महंगा, बालोद से धमतरी 80 और दुर्ग का 110 रुपए, इन्हें मिलेगी किराए में छूट

Bus Ticket Price Increase: बसों का किराया बढ़ने से यात्रियों की जेब पर बोझ बढ़ेगा। बालोद से धमतरी, दुर्ग, राजनांदगांव और भानुप्रतापपुर जाने का सफर महंगा हो गया है। वहीं, कुछ विशेष श्रेणियों के यात्रियों को किराए में छूट मिलेगी।
2 min read
• •
Oct 15, 2026
Chhattisgarh Bus News
बस स्टैंड ( File Photo - Patrika )

Bus Fare Hike: महंगाई के बीच बस किराए में बढ़ोतरी से आम यात्रियों का बजट बिगड़ने की आशंका है। परिवहन विभाग की नई अधिसूचना के अनुसार, साधारण बसों का किराया 1.25 रुपए प्रति किमी से बढ़ाकर 1.75 रुपए प्रति किमी कर दिया गया है। इस तरह प्रति किमी 50 पैसे की वृद्धि हुई है। इसका असर लंबी दूरी के यात्रियों के साथ ही नौकरी, पढ़ाई और कारोबार के लिए रोजाना सफर करने वालों पर भी पड़ेगा।

बालोद जिले में बसें आवागमन का प्रमुख साधन हैं। ट्रेन की सीमित सुविधा के कारण बड़ी संख्या में लोग बसों पर निर्भर हैं। ऐसे में किराया बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों से जिला मुख्यालय आने वाले यात्रियों सहित नियमित यात्रियों का खर्च बढ़ेगा।

प्रमुख मार्गों पर इस प्रकार होंगी नई दरें

किराए में बढ़ोतरी के बाद बालोद से आसपास के शहरों तक का सफर महंगा हो गया है।

धमतरी: पहले 60 रुपए, अब 80 रुपए।
राजनांदगांव: पहले 75 रुपए, अब 95 रुपए।
दुर्ग: पहले 80 रुपए, अब 110 रुपए।
भानुप्रतापपुर: पहले 75 रुपए, अब 100 रुपए।

छोटे मार्गों पर भी 5 से 15 रुपए तक की वृद्धि हुई है। गांवों से जिला मुख्यालय आने-जाने वालों को भी अब प्रत्येक यात्रा पर अधिक खर्च करना पड़ेगा।

मासिक बजट पर असर

बालोद से रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव और धमतरी जैसे शहरों में नौकरी, पढ़ाई और कारोबार के सिलसिले में रोजाना आने-जाने वाले लोगों पर किराया वृद्धि का सीधा असर पड़ेगा। विद्यार्थियों और कम आय वाले कामकाजी लोगों का मासिक यात्रा खर्च भी बढ़ेगा।

इन्हें मिलेगी किराए में छूट

अधिसूचना में नेत्रहीन, गंभीर रूप से दिव्यांग, 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों, एचआईवी पीड़ितों और अन्य अधिसूचित श्रेणियों को किराए में छूट देने का प्रावधान है। अन्य यात्रियों को बढ़ी हुई दरों के अनुसार भुगतान करना होगा।

पर्व के बीच बढ़ी परेशानी

नवरात्र और दीपावली के दौरान गांवों और शहरों के बीच यात्रियों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में किराया बढ़ने से लोगों का त्योहार संबंधी खर्च भी बढ़ेगा। व्यापारियों को आशंका है कि यात्रा महंगी होने से ग्रामीण क्षेत्रों से बाजार पहुंचने वाले ग्राहकों की संख्या प्रभावित हो सकती है। किराया बढ़ने के बाद कुछ यात्री बाइक, ऑटो और निजी वाहनों जैसे विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, लंबी दूरी के यात्रियों के लिए बस अब भी आवागमन का प्रमुख साधन बनी हुई है।

Updated on:
15 Oct 2026 09:38 am
Published on:
15 Oct 2026 09:38 am