
एसिड अटैक के आरोपियों की पैरवी से 300 वकीलों का इनकार (Photo Patrika)
Balod acid attack: 22 वर्षीय युवती पर हुए एसिड अटैक के बाद जिले में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को शहर में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद बुधवार को जिला अधिवक्ता संघ ने भी कड़ा रुख अपनाया। जिला न्यायालय परिसर में हुई आपात बैठक में करीब 300 अधिवक्ता शामिल हुए। घटना की निंदा करते हुए प्रस्ताव पारित किया गया। साथ ही सर्वसम्मति से तय किया गया कि दोनों आरोपियों की ओर से कोई अधिवक्ता न्यायालय में पैरवी नहीं करेगा।
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुनील सोनी ने कहा कि यह बेहद शर्मसार कर देने वाली घटना है। मानवता को शर्मसार करने वाले इस कृत्य के आरोपियों का कोई भी अधिवक्ता साथ नहीं देगा। पीडि़ता को न्याय दिलाने के लिए अधिवक्ता संघ खड़ा है।
थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा ने बताया कि मुख्य आरोपी ने एसिड खरीदने की जगह की जानकारी दी है। पुलिस टीम वहां जाकर नियमानुसार बिक्री की जांच करेगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर दुकानदार के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। खतरे से बाहर युवती- इधर पीडि़ता का रायपुर में इलाज जारी है। उसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
मंगलवार को पुलिस दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने ले जा रही थी, तभी रास्ते में आक्रोशित लोगों ने उनकी पिटाई कर दी। पुलिस ने बीच-बचाव कर दोनों को भीड़ से बचाया और न्यायालय पहुंचाया। सुनवाई के बाद बाहर निकालते समय भीड़ का गुस्सा देखते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को हेलमेट पहनाकर सुरक्षा के बीच जेल भेजा। बुधवार को भी शहर के चौक-चौराहों, बाजार और चाय दुकानों पर घटना की चर्चा होती रही।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि सुप्रीम कोर्ट के सख्त नियमों के बावजूद आरोपियों को एसिड इतनी आसानी से कैसे मिला। मुख्य आरोपी से पूछताछ में एसिड बेचने वाले के बारे में जानकारी मिली है। पुलिस संबंधित दुकानदार से पूछताछ कर पता लगाएगी कि बिक्री के दौरान पहचान पत्र लिया गया था या नहीं और बिक्री रजिस्टर में दर्ज की गई थी या नहीं।
Updated on:
08 Oct 2026 10:58 am
Published on:
08 Oct 2026 10:58 am
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