
Chhattisgarh Winter 2026: बालोद जिले में गुरुवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। घने कोहरे ने पूरे जिले को अपनी चपेट में ले लिया। कोहरा इतना घना था कि 20 फीट दूर तक कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। सडक़ें, खेत, गांव और शहर सफेद चादर में लिपटे नजर आए। सुबह घरों से बाहर निकलने पर लोगों को ऐसा लगा, मानो पूरा जिला धुंध में छिप गया हो। वाहनों, पेड़-पौधों और बिजली के खंभों तक स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहे थे। इसका असर जनजीवन पर पड़ा और सुबह काम पर निकलने वाले लोगों को परेशानी हुई।
कोहरे का सबसे ज्यादा असर यातायात पर पड़ा। वाहनों, बसों और ट्रेनों की रफ्तार धीमी हो गई। बालोद से रायपुर, दुर्ग, धमतरी, राजनांदगांव और दल्लीराजहरा की ओर जाने वाली बसें देरी से चलीं। बस चालकों ने हेडलाइट और फॉग लाइट जलाकर सावधानीपूर्वक वाहन चलाए। कई जगह दृश्यता कम होने के कारण बसों को रुक-रुककर चलना पड़ा।
निजी वाहन चालकों ने भी गति कम रखी। दोपहिया वाहन चालक गर्म कपड़े पहनकर निकले, लेकिन कोहरे के कारण उन्हें भी बार-बार रुकना पड़ा। कई कार चालकों ने सडक़ किनारे वाहन खड़े कर कोहरा छंटने का इंतजार किया। राहत की बात यह रही कि सुबह के समय जिले में किसी बड़ी दुर्घटना की सूचना नहीं मिली।
सुबह करीब 9 बजे घना कोहरा छंटना शुरू हुआ। सूरज की हल्की किरणें निकलने के साथ धुंध कम हुई और लोगों ने राहत की सांस ली। इसके बाद सडक़ों पर वाहनों की रफ्तार सामान्य होने लगी। हालांकि दिनभर आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही और धूप पूरी तरह नहीं निकली।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोहरे ने जनजीवन प्रभावित किया। खेतों में काम करने जाने वाले किसान और मजदूर सुबह देर से निकले। धान की कटाई और मिंजाई का काम जारी है, लेकिन घने कोहरे के कारण खेतों में काम शुरू होने में देरी हुई। किसानों का कहना है कि इस बार ठंड ने समय से पहले दस्तक दे दी है। सुबह-शाम ठंड बढऩे के साथ कोहरा भी पडऩे लगा है। इससे फसलों पर असर पडऩे की आशंका है।