बालोद

घर में सोखता गड्ढा बनाने पर ही मनरेगा में मिलेगा रोजगार

Water Conservation : बालोद जिले की ग्राम पंचायत खुरसुनी के ग्रामीणों व सरपंच ने जल संरक्षण के लिए अहम व्यवस्था बनाई है। ग्राम पंचायत ने अनिवार्य किया है कि जिस घर में सोखता गड्ढा नहीं होगा, उस घर के लोगों को मनरेगा के तहत काम नहीं मिलेगा। इस नियम के बाद गांव के प्राय: हर […]

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Water Conservation : बालोद जिले की ग्राम पंचायत खुरसुनी के ग्रामीणों व सरपंच ने जल संरक्षण के लिए अहम व्यवस्था बनाई है। ग्राम पंचायत ने अनिवार्य किया है कि जिस घर में सोखता गड्ढा नहीं होगा, उस घर के लोगों को मनरेगा के तहत काम नहीं मिलेगा। इस नियम के बाद गांव के प्राय: हर घरों में सोखता गड्ढा बनाया है। सरपंच योगेश्वर प्रसाद साहू ने बताया कि गांव में जल संरक्षण के लिए बेहतर प्रयास हुआ है। यह पहल लगातार घटते भू जल स्तर को देखते हुए की गई है। हर घर सोखता गड्ढा निर्माण से घरों से निकलने वाला पानी गलियों में नहीं बहेगा। पानी भी सोखनक्रिया से जमीन के अंदर जाएगा। इस गांव के लगभग 350 से अधिक घरों में सोखता निर्माण कराया है। जो अन्य गांव के लिए एक प्रेरणा है।

पहले देश की सेवा की और अब गांव की कर रहे

सरपंच योगेश्वर साहू भूतपूर्व सैनिक हैं, उन्होंने पहले देश की सेवा की और सेवानिवृत्त होने के बाद अब सरपंच बन गांव की सेवा कर रहे हैं। इनकी पहल एवं नवाचार अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं।

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ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित

सरपंच ने बताया एक साल पहले ही ग्राम सभा, ग्रामीण स्तरीय बैठक व ग्राम पंचायत की बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि ग्रामीण अपने घरों के आगे सोखता गड्ढे का निर्माण करें। जिनके घर के सामने सोखता गड्ढा नहीं बना होगा, उस परिवार को मनरेगा के तहत रोजगार नहीं मिलेगा। इसके बाद हर घरों के सामने सोखता गड्ढा बनाया गया है।

गंदे पानी के लिए बनाया जा रहा ग्रे वाटर फि़ल्टर प्लांट

इस गांव की गली में 900 मीटर की अंडरग्राउंड नाली का निर्माण कराया जा रहा है। इस नाली में घरों से निकलने वाला पानी नाली के माध्यम से ग्रे वाटर फिल्टर सिस्टम में जाएगा। वहां गंदा पानी फिल्टर होकर तालाब में भरा जाएगा। इस गांव में चल रहे जल संरक्षण का कार्य जिले के लिए रोल मॉडल बना हुआ है।

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शर्त, पानी गली में न जाए

यहां नियम है कि सोखता गड्ढा अपने घर के सामने बना सकते हैं, लेकिन सोखता गड्ढे में से पानी बाहर गली में न जाए। अब तक इस गांव में इन नियमों का पालन किया जा रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि जल संरक्षण के लिए अहम प्रयास किया जा रहा है।

जल है तो कल है, जल का संरक्षण जरूरी

सरपंच योगेश्वर प्रसाद साहू, कामता प्रसाद, नीलकंठ साहू, रामू राम साहू, ईश्वरी साहू सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गांव में जल संरक्षण के जो कार्य हो रहे हैं, वह सराहनीय हैं। इन प्रयासों का भविष्य में लाभ मिलेगा। क्योंकि जल है तो कल है, जल संरक्षण के प्रति हर व्यक्ति को आगे आना पड़ेगा। जल बचाने, जल का सदुपयोग करने सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।

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