Petrol Diesel Crisis 2026: बालोद जिले के 10 से अधिक पेट्रोल पंपों में डीजल खत्म हो गया है, जबकि कई पंपों पर टैंक लगभग सूख चुके हैं।
Petrol Diesel Crisis: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईंधन के अधिक खपत को देखते हुए वाहनों का उपयोग कम करने की अपील की है। इस बीच बालोद जिले के लगभग दस से अधिक फ्यूल पंपो में डीजल मिलना बंद हो गया है। अब लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है।
दूसरी ओर जिले में ही शासकीय वाहनों में जरूरत से ज्यादा डीजल की खपत की जा रही है। कई ऐसे अधिकारी हैं, जो जिला मुख्यालय में रहते ही नहीं। शासकीय वाहनों का उपयोग कर घर से आने-जाने में करते हैं। इस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
शासकीय वाहनों में एक माह में 120 लीटर डीजल उपयोग करने की लिमिट है, लेकिन अधिकांश शासकीय वाहनों में 120 लीटर से अधिक डीजल की खपत हो रही है। कुछ वाहनों में व्यर्थ डीजल खर्च किया जा रहा है। कलेक्ट्रेट के अंतर्गत कुल 13 शासकीय वाहन हैं। यहां प्रत्येक वाहनों में एक माह में 120 लीटर डीजल डलवाना है लेकिन एक दो को छोड़ दें तो बाकी वाहनों में अधिक डीजल खपत हो जाता है। यही स्थिति जिला पंचायत, लोकनिर्माण विभाग, पुलिस विभाग के वाहनों की भी है।
जिला खाद्य विभाग के मुताबिक, बालोद जिले में कुल 76 पेट्रोल पम्प है। इनमें से तरौद स्थित पेट्रोल पंप बंद है व 10 से अधिक पेट्रोल पंपो में डीजल नहीं मिल रहा है। ऐसे में जिस पेट्रोल पंप में डीजल मिल रहा है। वहां भीड़ लगनी शुरू हो रही है।
डीजल की किल्लत को देखते हुए कलेक्टर व खाद्य विभाग ने भी जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए हैं कि, जो चालक वाहन लेकर आ रहे हैं, उन्हें ही डीजल पेट्रोल दें। बोतल, डिब्बा, गैलन में किसी भी हाल में डीजल न दिया जाए। कलेक्टर व खाद्य विभाग के इस आदेश के बाद भी जिले के कई पेट्रोल पंपों में गैलन, डिब्बा व बोतल में डीजल-पेट्रोल दिया जा रहा है।
पेट्रोलियम कंपनी से एक दो दिन में डीजल की सप्लाई नहीं हुई तो परेशानी बढ़ेगी। बालोद जिले के कई पेट्रोल पंपों में 50 फीसदी से कम डीजल का स्टॉक है। अब डीजल परिवहन समय पर आने से ही राहत मिल सकती है। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि हमने मांग भेज दी है। राशि भी जमा कर दी है, लेकिन अभी परिवहन नहीं हुआ है। जैसे ही डीजल की सप्लाई होती है, स्थिति सामान्य हो जाएगी।
तुलसीराम ठाकुर, तुलसीराम ठाकुर, जिला खाद्य अधिकारी, बालोद के मुताबिक, अभी ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देशित किया गया कि गैलन, डिब्बे या बोतल में पेट्रोल न दिया जाए। वाहनों में ही पेट्रोल-डीजल दें। संचालकों ने कहा कि मांग भेजी है। डीजल की सप्लाई शुरू होगी। उसके बाद डीजल टेंक भरा जाएगा फिर डीजल की सप्लाई पुन: शुरू हो जाएगी।