Wild Bison Attack: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की कसडोल तहसील अंतर्गत सेल क्षेत्र में मंगलवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक खूंखार जंगली बायसन ने महज एक घंटे के भीतर तीन गांवों में ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
Chhattisgarh Bison Terror: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की कसडोल तहसील अंतर्गत सेल क्षेत्र में जंगली वन्यजीवों के रिहायशी इलाकों में घुसने से दहशत का माहौल है। मंगलवार सुबह करीब 8 से 9 बजे के बीच, महज एक घंटे में एक जंगली बायसन (गौर) ने तीन अलग-अलग गांवों में हमला कर जमकर उत्पात मचाया। इस हमले में गंभीर रूप से घायल एक ग्रामीण की बुधवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हैं।
इस घटना के बाद से पूरे इलाके में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। मिली जानकारी के अनुसार, पहली घटना ग्राम गजराडीह की है। यहां के निवासी देवेंद्र साहू पर बायसन ने उस वक्त अचानक हमला कर दिया जब वे सुबह अपने काम से निकले थे। बायसन के सींग लगने से देवेंद्र के पेट पर 4 से 5 इंच गहरा घाव हो गया और वे लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। उन्हें अत्यंत गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद बुधवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया।
एक ही घंटे के भीतर तीन गांवों (गजराडीह, मुरूमडीह और रवान) में हुए इस बैक-टू-बैक हमले से वन्यजीव प्रबंधन और वन विभाग की मुस्तैदी पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में हिंसक वन्यजीव की मौजूदगी का समय पर अलर्ट जारी नहीं किया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतक देवेंद्र साहू के पीड़ित परिवार को तत्काल उचित मुआवजा व आर्थिक सहायता दी जाए, घायल महिलाओं का नि:शुल्क इलाज कराया जाए और वन विभाग तुरंत गश्त बढ़ाकर हिंसक बायसन को आबादी से दूर खदेड़े।
गजराडीह के बाद बायसन का आतंक यहीं नहीं रुका। उसने ग्राम मुरूमडीह में धावा बोला, जहां 36 वर्षीय पंचबाई ठाकुर को निशाना बनाया। बायसन ने उनकी जांघ पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके तुरंत बाद बायसन ने ग्राम रवान का रुख किया और वहां 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला गायत्री यादव पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में गायत्री यादव की जांघ पर गहरा घाव आया है और अस्पताल में उनके पैर में 8 से 9 टांके लगाने पड़े हैं। फिलहाल दोनों घायल महिलाओं का इलाज जारी है।