बलोदा बाज़ार

यहां कबाड़ में पड़े हैं 100 से ज्यादा बिजली मीटर, फ्री में चाहिए तो पढ़े ये खबर

सवालों के जवाब देने में अब मंडल को पसीना छूटता दिखाई दे रहा है।

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CG news

भाटापारा. क्या यह मीटर ऐसे ही फेंकने के लिए निकाले गए थे। ये तस्वीर तो कम से कम यही बता रही है, कि फेंकने के लिए ही निकाले गए थे। दूसरा सवाल खराब होने की स्थिति में निर्माता कंपनी इसके बदले जब नया मीटर देने को राजी थी तो कंपनी को वापस क्यों नहीं किया गया। क्योंकि यह गारंटी पीरियड में ही खराब हुए थे। सवालों के जवाब देने में अब मंडल को पसीना छूटता दिखाई दे रहा है।

कोई एक साल पहले राज्य विद्युत मंडल ने उपभोक्ताओं की शिकायत पर शहर से बड़ी संख्या में जांच के बाद मीटर निकलवाए गए थे। इनके बदले नए मीटर लगाया गया। यह सिलसिला खत्म होने के बाद निकाले गए मीटरों की जांच करवाई गई। जिसमें लगभग सभी मीटरों को गारंटी पीरियड में खराब होना पाया गया। इसे दस्तावेजों में लिया गया लेकिन खराब हो चुके इन मीटरों को सुरक्षित रखना भूल गए। यह भी याद नहीं रहा कि इन्हें वापस मुख्यालय भेजना है। इसके बदले नए मीटर मिल जाते। अब यह सभी मीटर राज्य विद्युत मंडल के संभाग मुख्यालय में यूं ही खुले में फेंक दिया गया है।

राज्य विद्युत मंडल ने जिस कंपनी से ऐसे मीटर की खरीदी की थी उसमें गारंटी की पीरियड में स्टाप या डिफेक्टिव होने की स्थिति पर इसे वापस किया जाकर नया मीटर देने की शर्त थी। कंपनी ने माना था लेकिन जिस तरह से ऐसे ही फेंक दिए गए हैं उससे यही जान पड़ता है कि विभाग को नुकसान की चिंता नहीं है।

इस पर भी उठ रहे सवाल
मंडल के संभाग मुख्यालय ने लगभग 5 साल पहले आइल फिल्टर मशीन खरीदी थी। इसके माध्यम से ट्रांसफार्मर का निकाला गया खराब ऑइल को फिर से दोबारा उपयोग करने के लायक बनाया जाता है। यह इसलिए खरीदा गया था ताकि ऑइल की खरीदी पर होने वाली रकम बचाई जा सके। अफसोस की खऱीदी के बाद पहुंची इस मशीन का ताला तक नहीं खुला है। बता दें कि यह मशीन की प्रति घंटा 1125 लीटर ऑइल को रिफ्रेश करने की क्षमता रखती है।

अब ये कर रहे
बजाय इन्हें वापस करने के मंडल मुख्यालय से हर माह नए मीटर मंगवा रहे हैं। जिस पर अच्छी खासी रकम खर्च हो रही है। यहां यह बता देना जरूरी होगा कि निर्माता कंपनी से प्रति मीटर की खरीदी पर सिंगल फेस मीटर के लिए लगभग 450 रुपए और 3 फेस मीटर के लिए 1100 रुपए का भुगतान करना पड़ रहा है। यदि दूरदर्शिता दिखाई जाती तो एक बड़ी रकम बचाई जा सकती थी।

मिल रही थी डिफेक्टिव होने की शिकायत
राज्य विद्युत मंडल ने शहर के उपभोक्ताओं की शिकायत पर जो मीटर निकाले हैं उनमें बंद हो चुके मीटरों की संख्या अच्छी खासी है। इसी तरह डिफेक्टिव होने की भी शिकायतों पर मीटर निकाले गए। इसके अलावा गलत रीडिंग बताने की भी उपभोक्ताओं की शिकायतों पर उनकी जगह नए मीटर लगाए गए।

डिफेक्टिव मीटर को तत्काल वापस करने के नियम है। इस मामले में भाटापारा संभाग की जैसी स्थिति आप बता रहे हैं, वैसा होना तो नहीं चाहिए। लेकिन इसकी जांच की जाएगी।
आरके अवस्थी, चीफ इंजीनियर, राज्य विद्युत मंडल रायपुर

डिफेक्टिव या खराब होने की स्थिति में निकाले जाने के बाद ऐसे मीटरों को तत्काल रायपुर एरिया स्टोर में भेजा जाना है। पता लगाया जाएगा कि यह मीटर वापस क्यों नहीं किए गए।
यूआर मिर्झे, एसई, राज्य विद्युत मंडल बलौदा बाजार

निकाले गए पुराने मीटर का डिटेल बनाया जा रहा है। इसमें से गारंटी पीरियड वाले अलग किए जाकर एरिया स्टोर को भेजा जाएगा। जहां से नए मीटर मिल पाएंगे। रही बात वारंटी पीरियड में खराब होने वाले मीटर नहीं भेजने वाले वितरण केंद्रों को नया मीटर जारी नहीं किया जाता है।जीपी अनंत, ईई, छग राज्य विद्युत मंडल, भाटापारा संभाग

Published on:
14 Mar 2018 05:08 pm
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