
जर्जर सडक़ और जर्जर स्कूल भवन को लेकर भाटापारा में 6 घंटे चला चक्काजाम (photo Patrika)
Protest by school: धुर्राबांधा मार्ग की खस्ताहाल सडक़ और पूर्व माध्यमिक शाला के जर्जर भवन को लेकर शनिवार को ग्रामीणों और स्कूली बच्चों का गुस्सा आखिरकार सडक़ पर फूट पड़ा। वर्षों से लगातार की जा रही शिकायतों के बावजूद कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई न होने से नाराज लोगों ने सुबह करीब 7:30 बजे से चक्काजाम कर दिया।
सडक़ पर उतरे सैकड़ों ग्रामीणों, छात्र-छात्राओं और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि धुर्राबांधा मार्ग पिछले चार वर्षों से अत्यंत जर्जर स्थिति में है। बकुलाही स्पंज आयरन प्लांट से प्रतिदिन 150 से अधिक भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सडक़ पूरी तरह बदहाल हो चुकी है।
तेज रफ्तार भारी वाहनों से लगातार दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है, लेकिन प्रशासन केवल आश्वासनों तक ही सीमित रहा। प्रदर्शन का एक बड़ा कारण पूर्व माध्यमिक शाला के भवन की अत्यंत खराब स्थिति भी रहा। छात्रों और अभिभावकों ने बताया कि भवन इतना जर्जर हो चुका है कि सुरक्षा के लिहाज से कक्षा 6वीं से 8वीं तक की पढ़ाई दो पालियों में करानी पड़ रही है। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी न तो भवन की मरम्मत कराई गई और न ही नए निर्माण पर ध्यान दिया गया। मजबूरी में स्कूली बच्चों को हाथों में तख्तियां लेकर सडक़ पर उतरना पड़ा।
चक्काजाम की सूचना मिलते ही तहसीलदार यशवंत राज, नायब तहसीलदार प्रेमा मिंज, पीडब्ल्यूडी अधिकारी कुर्रे व मणिकांत तिवारी, बीआरसी दुर्गेश, पुलिस बल और स्पंज प्लांट प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। लगभग 6 घंटे चली तीखी बहस के बाद प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच सहमति बनी। पीडब्ल्यूडी ने तत्काल सडक़ मरम्मत कार्य शुरू कराया और बारिश के बाद स्थायी डामरीकरण का भरोसा दिया। इसके अलावा, स्कूली समय में (सुबह 9:30 से 10:30 बजे तथा दोपहर 3:30 से 4:50 बजे तक) धुर्राबांधा-कोसमंदा मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्णय लिया गया। एसडीएम श्याम पटेल ने बताया कि स्थायी सडक़ निर्माण, स्कूल के पास स्पीड टेबल और भवन मरम्मत हेतु शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजे गए है।
मामले में भाटापारा विधायक इंद्र साव ने प्रशासनिक सुस्ती पर कड़ा आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि भाटापारा-मोपका-घनेली मार्ग की मांग ग्रामीण लंबे समय से कर रहे हैं। उन्होंने 25 फरवरी को विधानसभा में प्रश्न लगाया था, जिसके उत्तर में लोक निर्माण विभाग द्वारा भू-अर्जन कार्य हेतु 4 करोड़ 20 लाख 61 हजार रुपए की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिलने की जानकारी दी गई थी। विधायक साव ने कहा कि बजट स्वीकृत होने के बावजूद जमीनी स्तर पर काम शुरू न होना अधिकारियों की घोर लापरवाही है। जल्द काम शुरू कराने शासन पर दबाव बनाया जाएगा।
Updated on:
02 Aug 2026 12:43 pm
Published on:
02 Aug 2026 12:36 pm
