
Sugar prices: त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले ही शक्कर और गुड़ की कीमतों में तेजी ने स्टॉकिस्ट, होलसेलर और रिटेल कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। शक्कर की कीमत बढक़र 60 से 65 रुपए किलो तक पहुंच गई है, जबकि गुड़ 70 रुपए किलो बिक रहा है। रोजमर्रा के उपयोग वाली इन दोनों खाद्य सामग्रियों की बढ़ती कीमतों का असर अब त्योहारों की तैयारियों पर भी दिखाई देने लगा है। रक्षाबंधन 28 अगस्त को है। इसके बाद कमरछठ, जन्माष्टमी, पोला, तीजा, गणेश उत्सव, नवरात्रि, विजयादशमी और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार आएंगे। इन अवसरों पर शक्कर और गुड़ की मांग बढ़ती है, लेकिन इस बार कीमतों में तेजी के कारण कारोबारियों को मांग प्रभावित होने की आशंका है।
त्योहारों की तैयारी के बीच अचानक आई तेजी ने खुदरा कारोबारियों को भी चिंता में डाल दिया है। कारोबारियों के अनुसार महंगी शक्कर और गुड़ के कारण उपभोक्ता खरीदी में कटौती कर सकते हैं। इसी आशंका के चलते चिल्हर बाजार में खरीदी करीब 25 फीसदी तक कम होने की जानकारी सामने आ रही है।तेजी का असर अग्रिम कारोबार पर भी पड़ा है। सामान्य तौर पर सर्दियों की मांग को देखते हुए पहले से स्टॉक और बुकिंग शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार अग्रिम बुकिंग तो दूर, कारोबारियों के बीच पूछताछ भी कमजोर है।
बाजार में निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए 4000 क्विंटल की स्टॉक लिमिट का नियम प्रभावी है। इसके बावजूद कीमतों में आई तेजी ने स्टॉकिस्टों को हैरान कर दिया है। होलसेल और रिटेल सौदों में करीब 25 फीसदी तक गिरावट बताई जा रही है। गुड़ के कारोबार में भी यही स्थिति बन रही है। खरीदी और अग्रिम सौदों को लेकर पूछताछ कम होने से कारोबारी फिलहाल भंडारण क्षमता को अस्थायी रूप से कम करने की योजना बना रहे हैं। एक साथ 5 रुपए बढ़ी शक्कर: पहले 45 से 48 रुपए किलो के आसपास रही शक्कर बाद में 50 से 55 रुपए किलो पहुंची और अब एक साथ करीब 5 रुपए की बढ़ोतरी के बाद 60 रुपए किलो बिक रही है।
शक्कर और गुड़ की कीमतों में तेजी का असर केवल खुदरा बाजार तक सीमित नहीं है। अग्रिम कारोबार और बुकिंग पर भी इसका प्रभाव पड़ा है। सामान्य तौर पर कारोबारी आने वाले महीनों की मांग का अनुमान लगाकर पहले से स्टॉक और बुकिंग शुरू कर देते हैं। खासकर सर्दियों और दीपावली जैसे बड़े त्योहारों की मांग को देखते हुए शक्कर और गुड़ का अग्रिम कारोबार किया जाता है। लेकिन इस बार कारोबारी बड़े सौदे करने से बच रहे हैं। बाजार में अग्रिम बुकिंग को लेकर पूछताछ भी कमजोर बताई जा रही है।