
Bhatapara Ration Card: सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत भाटापारा क्षेत्र में सैकड़ों बीपीएल राशन कार्ड अचानक ब्लॉक किए जाने से हितग्राहियों में चिंता का माहौल है। अधिकांश लोगों का कहना है कि उन्हें पहले से कोई सूचना नहीं दी गई। राशन लेने दुकान पहुंचने पर उन्हें कार्ड ब्लॉक होने की जानकारी मिली, जिसके कारण उन्हें राशन नहीं मिल सका। खाद्य विभाग के अनुसार यह कार्रवाई केंद्र सरकार के नए सामान्य पात्रता मानदंड और 12 बिंदुओं वाली गाइडलाइन के आधार पर की जा रही है। निर्धारित मानकों के अनुसार आय, संपत्ति, दस्तावेज और अन्य पात्रता शर्तों में अपात्र पाए जाने वाले हितग्राहियों के राशन कार्ड ब्लॉक किए जा रहे हैं।
नगर पालिका क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी बड़ी संख्या में राशन कार्ड प्रभावित हुए हैं। राशन दुकानों और संबंधित कार्यालयों में हितग्राहियों की भीड़ लगी हुई है। कई परिवारों ने आशंका जताई है कि समय पर समाधान नहीं होने पर उन्हें खाद्यान्न संकट का सामना करना पड़ सकता है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु वर्मा ने बताया कि केंद्र शासन की गाइडलाइन और प्राप्त आंकड़ों के आधार पर खाद्य विभाग कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि 12 बिंदुओं के अनुसार अपात्र पाए गए हितग्राहियों के राशन कार्ड ब्लॉक किए जा रहे हैं। इस बीच प्रभावित हितग्राहियों ने मांग की है कि जिनके राशन कार्ड ब्लॉक किए गए हैं, उन्हें स्पष्ट कारण बताया जाए और पात्र पाए जाने वाले लोगों के कार्ड शीघ्र बहाल किए जाएं, ताकि कोई भी जरूरतमंद परिवार राशन से वंचित न रहे।
नई गाइडलाइन के तहत आयकरदाता, सरकारी कर्मचारी या पेंशनधारी परिवार, निर्धारित सीमा से अधिक आय वाले, चार पहिया वाहन या पांच एकड़ से अधिक कृषि भूमि रखने वाले और बड़े पक्के मकान के स्वामी पात्रता से बाहर हो सकते हैं। इसके अलावा दोहरे राशन कार्ड, ई-केवाईसी अधूरा होना, आधार और बैंक खाते का लिंक नहीं होना, मृत सदस्य का नाम नहीं हटाना, एक वर्ष तक राशन नहीं लेना और अन्य तकनीकी कारणों से भी कार्ड ब्लॉक किए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले बड़े पैमाने पर राशन कार्ड जारी किए गएए लेकिन अब सख्त मापदंड लागू कर उन्हें हटाया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में 2.3 एकड़ जमीन सामान्य होने के बावजूद पात्रता से बाहर करना कई सवाल खड़े कर रहा है। चुनावी वर्षों में कार्ड जारी और बाद में कटौती की प्रक्रिया को लेकर भी राजनीतिक आरोप.प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।