
Bhatapara Treasury: भाटापारा ट्रेजरी कार्यालय का डबल लॉक सिस्टम अब जिला कोषालय बलौदाबाजार स्थानांतरित कर दिया गया है। इसके बाद भाटापारा ट्रेजरी में कामकाज लगभग नगण्य रह गया है। सूत्रों के अनुसार आने वाले समय में ट्रेजरी कार्यालय को पूरी तरह बंद किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। इस खबर से क्षेत्र के लोगों और स्टांप वेंडरों में नाराजगी देखी जा रही है। जानकारी के अनुसार डबल लॉक सिस्टम के जिला कोषालय में शिफ्ट होने के बाद अब स्टांप वेंडरों को स्टांप, रसीदी टिकट तथा अन्य आवश्यक सामग्री प्राप्त करने के लिए बलौदा बाजार जाना होगा।
भाटापारा, सिमगा, सुहेला सहित आसपास के क्षेत्रों के वेंडरों को पहले चालान जमा करना पड़ेगा, फिर डिमांड नोट जिला कोषालय में प्रस्तुत करना होगा। इसके बाद ही उन्हें आवश्यक सामग्री जारी की जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में वेंडरों को कम से कम दो बार बलौदा बाजार जाना पड़ेगा, जिससे समय और आर्थिक बोझ दोनों बढ़ेंगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकारी कार्यालयों के प्रमुख कार्य धीरे-धीरे बलौदा बाजार स्थानांतरित होते रहे, तो भाटापारा के नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इससे पहले स्टेट बैंक की चेस्ट शाखा भी भाटापारा से बलौदा बाजार स्थानांतरित की जा चुकी है। लोगों का तर्क है कि सरकार समय-समय पर विकेंद्रीकरण को आम जनता के हित में बताती रही है।
भाटापारा विद्युत संभाग का उदाहरण देते हुए कहा जा रहा है कि पहले उसका दायरा बड़ा था, लेकिन नए कार्यालय खुलने से सेवाएं लोगों के करीब पहुंचीं। ऐसे में ट्रेजरी सेवाओं का केंद्रीकरण समझ से परे है। वर्तमान में भाटापारा ट्रेजरी कार्यालय में केवल दो कर्मचारी कार्यरत हैं। वहीं सूत्रों का दावा है कि भविष्य में कार्यालय को पूर्ण रूप से बंद करने संबंधी आदेश भी जारी हो सकते हैं।
इस पूरी प्रक्रिया के कारण वेंडरों को कम से कम दो बार बलौदाबाजार की यात्रा करनी पड़ेगी, जिससे समय और आर्थिक दोनों तरह का अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इससे उनका कामकाज प्रभावित होगा और अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
जिला कोषालय अधिकारी सौम्या शर्मा ने कहा, हां, डबल लॉक सिस्टम जिला कोषालय में शिफ्ट हो गया है। इसके संबंध में आवश्यक प्रचार-प्रसार भी कराया गया था।