Loborers hostage: झारखंड के ठेकेदार ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के 16 मजदूरों को भेजा था बैंगलुरू, दिन-रात कराया जाता था काम, खाना-पीना भी ढंग का नहीं, विरोध पर होती थी पिटाई, भाग निकले थे 6 मजदूर
रामानुजगंज. Laborers Hostage: रामानुजगंज से लगे ग्राम आरागाही नवापारा के 9 मजदूरों को कर्नाटक के बैंगलुरु में बंधक बनाया गया था। इन मजदूरों को विधायक बृहस्पत सिंह की पहल पर बलरामपुर एसपी द्वारा गठित टीम द्वारा गुरुवार की देर शाम सकुशल वापस लाया गया। वापस आए सभी मजदूरों ने विधायक बृहस्पत सिंह एवं पुलिस का धन्यवाद किया। मजदूरों के घर आ जाने के बाद परेशान परिजनों ने राहत की सांस ली। दरअसल विधायक को मजदूरों ने वहां से लाइव लोकेशन भेजा था। इसके बाद विधायक ने पुलिस को इसकी जानकारी देकर मजदूरों को वापस लाने कहा था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम नवापारा के देव कुमार राम, दीनू राम, मनोज राम, कुलदीप कुमार, आशुतोष प्रसाद, टूलू राम, अर्जुन राम, लक्ष्मण राम, बृहस्पति राम सहित 16 मजदूर झारखंड के चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम संतुवा निवासी ठेकेदार शमशाद अंसारी द्वारा कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित यशवंतपुर में 29 जून को काम करने भेजा गया था।
यहां उनसे 24 घंटे काम कराया जा रहा था। वहीं खाना-पीना भी ढंग से नहीं दिया जाता था। जब मजदूर इसका विरोध करते थे ते उनसे मारपीट की जाती थी। इससे परेशान होकर 16 मजदूरों में से 6 मजदूर किसी प्रकार वहां से भाग निकले, जबकि 9 मजदूर बंधक बन गए थे।
उन्होंने इसकी सूचना अपने परिजनों को दी तो परिजन ने रामानुजगंज विधायक बृहस्पति सिंह को पूरी बात बताई। इस मामले में तत्काल पहल करते हुए विधायक ने पुलिस अधीक्षक को मजदूरों के फंसे होने की जानकारी दी।
इसके बाद एसपी ने 12 घंटे के भीतर पुलिस बल मौके पर भेजा। गुरुवार को पुलिस द्वारा बंधक बनाए गए मजदूरों को छुड़ाकर सकुशल वापस लाया गया।
विधायक के कहने पर भेजा लाइव लोकेशन
विधायक ने जब वहां फंसे एक मजदूर से मोबाइल पर बात की और कहा कि वह अपना लाइव लोकेशन भेजे। विधायक ने उसे लोकेशन भेजने की प्रक्रिया भी बताई। इस लोकेशन के माध्यम से ही पुलिस मजदूरों तक पहुंची।
स्थानीय पुलिस ने किया सपोर्ट
बंधक बने 9 मजदूरों को छुड़ाने बलरामपुर पुलिस बैंगलुरु पहुंची। यहां के सदाशिव नगर थाना में पुलिस से संपर्क किया। यहां से उन्हें पुलिस की सहायता मिली। वहीं स्थानीय लेबर इंस्पेक्टर के सहयोग से सभी मजदूरों को छुड़वा लिया गया।