घर की दीवार तोडऩे के बाद चारों ओर खड़े थे हाथी, एक शावक अंदर भी घुस गया था, सोमवार की रात चटिनयां पंचायत के जरियोपारा की घटना
कुसमी। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में करीब एक सप्ताह से चांदो व कुसमी रेंज सहित सामरी क्षेत्र में 12 हाथियों के दल का तांडव जारी है। हाथियों का दल जिधर से भी गुजर रहा है, धान सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही कई ग्रामीणों के मकानों को भी ढहा रहा है। अब इस दल ने एक महिला की जान भी ले ली है।
सोमवार की रात को हाथियों का दल जंगल से होते हुए चांदो रेंज के ग्राम चटनियां पंचायत के जरियोपारा में पहुंचा और एक घर को तोड़ दिया। अंदर फंसी महिला भागने के दौरान अंधेरा होने के कारण हाथियों के सामने आ गई, फिर एक हाथी ने उसे सूंड से उठाकर पटक दिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हाथियों के उत्पात से ग्रामीण रात भर में दहशत में रहे। मंगलवार की सुबह डीएफओ विवेकानंद झा, एसडीओ एसएन ओझा, रेंजर शिवानंद मिश्रा के साथ ही चांदो पुलिस मौके पर पहुंची। वन विभाग ने मृतिका के परिजन को तात्कालिक सहायता राशि दी। वहीं अधिकारियों ने ग्रामीणों को हाथियों से बचने का उपाए बताया।
जानकारी के अनुसार चटनियां पंचायत के जरियोपारा निवासी देकन बिरिजिया का जंगल के समीप ही घर है। वो चटनियां निवासी अमरनाथ बरगाह के मवेशियों की चरवाही का कार्य करता है। सोमवार की रात को घर में उसकी पत्नी 55 वर्षीय ठिवली बाई ने उसे भोजन कराया। इसके बाद दिकन घर से करीब 200 मीटर दूरी में मवेशियों के रहने के लिए बने बथान के समीप झोपड़ी में सोने गया था।
इधर घर से भोजन करके ठिवली बाई भी वहां जाने की तैयारी में थी। इसी दौरान जंगल की तरफ से १२ हाथियों का दल वहां अचानक पहुंच गया और उसके घर को चारों ओर से घेर लिया। हाथियों ने एक तरफ से घर की दीवार तोड़ दी। इसके बाद दल में शामिल एक शावक अंदर घुस गया।
अंधेरा होने की वजह से नहीं दिखे हाथी
हाथियों से घिरी ठिवली बाई घर से निकलकर भाग रही थी, लेकिन अंधेरा होने की वजह से वो हाथियों के करीब चली गई। इसी दौरान एक हाथी ने उसे सूंड से उठाकर पटक दिया। इसके बाद हाथियों का दल वहां से जंगल चला गया। इधर इस घटना से पूरे गांव में दहशत फैल गई। लोग घरों से बाहर निकल गए।
घटना की जानकारी मिलने पर उसका पति दिकन दौड़ते हुए घर के पास पहुंचा तो देखा कि पत्नी की सांस चल रही थी। इस पर उसने पत्नी को उठाकर आग के समीप लाकर राहत देने की कोशिश की लेकिन कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।
अफसरों ने ग्रामीणों को दी समझाइश
घटना की जानकारी मिलने पर मंगलवार की सुबह डीएफओ विवेकानंद झा सहित अन्य अधिकारी व चांदो पुलिस मौके पर पहुंची। वन विभाग की तरफ से मृतिका के परिजन को तात्कालिक सहायता राशि दी गई। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पीएम के लिए अस्पताल भेजा। अधिकारियों द्वारा जंगल किनारे रहने वाले ग्रामीणों को हाथियों के क्षेत्र में आने पर घर छोड़कर गांव के स्कूल व अन्य सुरक्षित स्थान पर जाने की समझाइश दी। साथ ही गांव के किनारे रात में आग जलाकर रहने की भी सलाह दी।
चंचलचुआं जंगल में है हाथियों का दल
हाथियों का दल क्षेत्र के सैकड़ों एकड़ में लगे बांस प्लांटेशन से होते हुए मंगलवार की रात को सबाग से लगे ग्राम नहलु के चंचलचुआं क्षेत्र के जंगल मे डटा हुआ है। वन अमला उनकी मूवमेंट पर नजर बनाए हुए है। अब तक हाथियों के दल ने क्षेत्र के करीब आधा दर्जन मकानों को ढहाने के साथ कई ग्रामीणों की धान, मक्का सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही अब एक जान भी ले ली है।