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चिंघाड़ सुनकर भाग रहे पिता को हाथियों ने कुचला, जान बचाने बेटे ने कुएं में लगाई छलांग

सूरजपुर जिले के मोहनपुर जंगल से लगे पाठकपुर में देर रात हुई घटना, सुबह वन अमला पहुंचा मौके पर

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Forest department on spot

Forest officer on spot

अंबिकापुर. सूरजपुर जिले के मोहनपुर से लगे ग्राम पाठकपुर में रविवार की देर रात पिता-पुत्र सहित अन्य ग्रामीण एक किसान के खेत में सोने गए थे। क्षेत्र में 18 हाथियों का दल भ्रमण कर रहा था। इसी बीच हाथियों के चिंघाडऩे की आवाज सुनकर सभी इधर-उधर भागने लगे। इसी बीच हाथियों ने पिता को कुचलकर मार डाला।

जबकि पुत्र ने खेत में बने गहरे गड्ढानुमा कुएं में कूदकर अपनी जान बचाई। हाथी वहां तक भी पहुंचे लेकिन अंधेरा होने के कारण वह काफी देर तक वहां छिपा रहा। घटना की सूचना मिलने पर सुबह वन अमला मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने मृतक के पुत्रों को तात्कालिक सहायता राशि के रूप में 25 हजार रुपए प्रदान किए।


सूरजपुर जिले के मोहनपुर जंगल में इन दिनों 18 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। वन विभाग द्वारा इसकी सूचना ग्रामीणों को दी गई है। इधर मोहनपुर जंगल से लगे ग्राम पाठकपुर निवासी शिवसागर बरगाह पिता त्रिलोचन बरगाह 55 वर्ष रविवार की रात गांव के ही एक किसान के खेत में अपने पुत्र शिवकुमार व अन्य ग्रामीणों के साथ सो रहा था।

इसी बीच हाथियों के चिंघाडऩे की आवाज सुनकर सभी भागने लगे। पिता व पुत्र खेत की ओर भागे जबकि अन्य ग्रामीण जंगल की ओर। अंधेरा होने के कारण पिता-पुत्र को यह समझ में नहीं आया कि हाथी किस ओर हैं। भागने के दौरान खेत में ही दोनों का हाथियों से सामना हो गया।

इसी बीच हाथियों ने पिता शिवसागर को सूंड से उठाकर पटक दिया और कुचलकर मार डाला। वहीं हाथियों को देखकर पुत्र शिवकुमार ने खेत में बने गहरे गड्ढानुमा कुएं में छलांग लगा दी।


गड्ढे तक पहुंचे थे हाथी
हाथियों से बचने शिवकुमार गड्ढे में ही छिपा रहा। उसने देखा कि एक हाथी गड्ढे तक पहुंच गया था लेकिन वह हाथी की पहुंच से दूर ही रहा। इस कारण उसकी जान बच गई। अंधेरे का फायदा भी उसे मिला और वह वहीं छिपा रहा। हाथियों के चले जाने के बाद वह गड्ढे से निकलकर गांव पहुंचा और घटना की जानकारी दी।


परिजनों को दी सहायता राशि
हाथियों द्वारा ग्रामीण को मार डालने की सूचना मिलने पर सुबह क्षेत्र के रेंजर सहित अन्य वन अमला गांव में पहुंचा। उन्होंने मृतक के पुत्रों को तात्कालिक सहायता राशि के रूप में 25 हजार रुपए प्रदान किए। इधर हाथियों के पाठकपुर बस्ती के पास डटे होने से ग्रामीणों में दहशत का आलम है।

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