
Elephants trapped in Dabari
सीतापुर. जंगल से निकलकर एक दंतैल हाथी के साथ 3 शावक सीतापुर के ग्राम ढेलसरा स्थित गंवटियापारा में पहुंच गए। सुबह करीब चार बजे वे वहां स्थित एक डबरी में उतर गए। डबरी के पानी में उन्होंने अटखेलियां की फिर वहां से निकल नहीं पाए। काफी प्रयास के बाद भी जब वे नहीं निकले तो चिंघाड़ लगानी भी शुरु कर दी।
इसकी सूचना ग्रामीणों के माध्यम से वन विभाग को मिली तो उन्होंने रेस्क्यू गजानन चलाकर प्रशासन व पुलिस की उपस्थिति में काफी मशक्कत के बाद उन्हें दोपहर में बाहर निकाला। बाहर निकलते ही हाथियों ने मांड नदी में नहाया और जंगल की ओर भाग निकले।
सरगुजा वनमंडल के सीतापुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढेलसरा के गंवटियापारा स्थित खेत में करीब 7-8 फीट चौड़ा गड्ढानुमा डबरी है। इस डबरी में अलसुबह 4 बजे एक दंतैल व 3 शावक कम गड्ढा समझकर उतर गए। लेकिन गड्ढा ज्यादा होने के कारण चारों उसमें फंस गए।
हाथियों द्वारा बार-बार निकलने के प्रयास में डबरी कीचड़ में तब्दील हो गया। हाथियों के डबरी में फंसने की सूचना मिलते ही डीएफओ प्रियंका पांडेय के मार्गदर्शन व उप वनमंडलाधिकारी सीतापुर चुड़ामणी सिंह के नेतृत्व में वन अमला मौके पर पहुंचा। फिर उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन 'गजाननÓ चलाकर उन्हें दोपहर में में बाहर निकाला।
डबरी से निकलते ही हाथी गांव से लगे मांड नदी में पहुंचे और यहां स्नान कर जंगल में चले गए। इस ऑपरेशन को सफल बनाने में एसडीएम, तहसीलदार व पुलिस प्रशासन का सहयोग सराहनीय रहा।
वहीं रेस्क्यू ऑपरेशन में वन परिक्षेत्राधिकारी धर्मजीत प्रसाद पटेल, प्रभात दुबे, वनपाल नोखेलाल यादव, रंजीत राम यादव उप वनक्षेत्रपाल, वनपाल अजीत कुमार सिंह, वनरक्षक राजेश यादव, त्रिभुवन सिंह, राजू बेक, देवमन बेक, राजनाथ, रमेश मंडावी, लवकुश पांडेय, बिरेंद्र सिंह, अविनाश अनुराग तिग्गा, अविनाश किंडो, सूर्यप्रकाश मिस्त्री, सुनंदा सिंह, ललिता कुजूर, राजेश गुप्ता, संतोष, दीपक कुजूर व अन्य शामिल थे।
बनाया स्लोपिंग गड्ढा, पहले निकला दंतैल
डबरी के चारों ओर चिकनाई हो जाने से हाथियों को निकालने में रेस्क्यू टीम को काफी परेशानी हो रही थी। फिर उन्होंने स्लोपिंग गड्ढा बनाकर पेड़ की डालियां वहां बिछाईं ताकि हाथियों को निकलने में आसानी हो।
इसके बाद सबसे पहले दंतैल निकला और दूर खड़ा होकर शावकों का इंतजार करने लगा। फिर एक-एक कर शावक भी बाहर निकल गए। विभाग द्वारा ग्राम पंचायत रजौटी की ओर हाथियों को सुरक्षित रास्ता प्रदान किया गया।
10 किमी तक के गांवों को किया अलर्ट
वन विभाग द्वारा पुलिस के सहयोग से पहले मौके पर जुटी भीड़ को नियंत्रित किया गया। इसके बाद 10 किलोमीटर क्षेत्र में स्थित गांवों में मुनादी कराकर सभी को सुरक्षित स्थान पर रहने कहा गया। हाथियों से जनहानि न हो इसके लिए वन विभाग सभी ग्रामीणों को कच्चे मकानों से निकलकर पक्के में रहने कहा।
Updated on:
25 Oct 2017 06:15 pm
Published on:
25 Oct 2017 06:10 pm
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