
Elephant incitement
अंबिकापुर/पोड़ी मोड़. प्रतापपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत 1३ हाथियों का दल रविवार की रात बनारस मार्ग पर पेंडारी घाट से लगे नवाधक्की के पास विचरण कर रहा था। इसी दौरान एक हाथी ग्रामीण के घर को ढहाने लगा। जब ग्रामीण टॉर्च लेकर बाहर निकला तो हाथी उसकी ओर दौड़ा। इसी दौरान वह अनियंत्रित होकर वहीं स्थित सूखे कुएं में पीछे की ओर गिर गया।
इससे हाथी के पैरों में गंभीर चोट आई है और वह दर्द से तड़प रहा है। इसकी जानकारी सुबह वन विभाग को लगी तो वे मौके पर पहुंचे। रेंजर के नेतृत्व में वन अमले द्वारा हाथी को निकालने की मशक्कत की जा रही है। फिलहाल हाथी को निकालने कुएं की खुदाई कर रास्ता बना लिया गया है लेकिन घायल होने के कारण हाथी को क्रेन की मदद से बाहर निकाला जाएगा। दल के बाकी हाथी वहीं के जंगल में डेरा जमाए हुए हैं।
सूरजपुर जिले के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र में 13 हाथियों का दल इन दिनों भ्रमण कर रहा है। इस दल द्वारा आए दिन जहां ग्रामीणों की फसल को नष्ट किया जा रहा है, वहीं घर भी ढहाए जा रहे हैं। इनके सामने आने वाले कई ग्रामीणों की जान भी जा चुकी है। इसी कड़ी में यह रमकोला के कठरा जंगल होते हुए घाट पेंडारी से लगे ग्राम नवाधक्की की ओर रविवार की रात 8 बजे पहुंचा। इस दौरान हाथी ने वहां के एक ग्रामीण के घर को ढहाना शुरु किया।
आवाज सुनकर ग्रामीण टॉर्च लेकर बाहर निकला तो हाथी उसकी ओर दौड़ा। टार्च देखकर वह जैसे ही रुका, उसके पीछे स्थित कुएं में वह अनियंत्रित होकर गिर पड़ा। कुएं में पानी नहीं होने के कारण हाथी के सामने के दोनों पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। रात से ही वह दर्द से तड़प रहा है।
हाथी के गिरते ही दल के अन्य सदस्य कुछ देर के लिए कुएं के पास ही मंडराते रहे, फिर पास के ही जंगल में चले गए। बताया जा रहा है कि रमकोला से लगे ग्राम कठरा में हाथियों के इस दल ने करीब आधा दर्जन घर तोडऩे के साथ ही फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है।
ग्रामीणों ने दी सूचना, नहीं निकल पा रहा हाथी
कुएं में हाथी के गिरने की सूचना मिलते ही सूरजपुर एसडीओ बीएस भगत, ओडग़ी एसडीओ पैंकरा, प्रतापपुर एसडीओ प्रभाकर खलखो, रेंजर डीएन जायसवाल, हाथी प्रभारी जगत लाल व मानसिंह सहित प्रतापपुर एसडीओपी आरके शुक्ला व चंदौरा थाना प्रभारी सीपी तिवारी मौके पर पहुंचे।
उन्होंने ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करते हुए कुएं की खुदाई कर रास्ता बनवाया। दोपहर तक रास्ता तो तैयार कर लिया गया था लेकिन पैरों में गंभीर चोट के कारण हाथी खुद बाहर नहीं निकल पा रहा है। इसे देखते हुए विभाग द्वारा हाथी को निकालने क्रेन मंगाई गई है। के्रन की मदद से उसे शाम 4 बजे तक बाहर निकाल लिया जाएगा।
सीतापुर में भी गिरे थे 4 हाथी
गौरतलब है कि सप्ताहभर पूर्व सीतापुर वन परिक्षेत्र के ग्राम ढेलसरा में भी 3 शावक समेत 4 हाथी ढोढ़ीनुमा कुएं में गिर गए थे। वन विभाग द्वारा काफी मशक्कत के बाद ऑपरेशन गजानन चलाकर सभी को बाहर निकाला गया था। ढोढ़ी से निकलते ही हाथियों ने मांड नदी में स्नान किया था फिर जंगल में चले गए थे। प्रशासन व वन विभाग द्वारा घटनास्थल से 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों को अलर्ट किया था।
Updated on:
13 Nov 2017 03:07 pm
Published on:
13 Nov 2017 02:55 pm
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