बलरामपुर

CG road accident: नेशनल हाइवे पर हादसा: औराझरिया घाट में पलटा मछली लोड ट्रक, ड्राइवर-खलासी की ये हुई हालत

CG road accident: ट्रक पलटने से उसमें लोड मछलियों से भरे बॉक्स भी सडक़ पर बिखर गए, हाइवे पेट्रोलिंग की टीम ने घायलों का कराया इलाज
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CG road accident

बलरामपुर. CG road accident: बलरामपुर से लगभग 8 किलोमीटर दूर नेशनल हाइवे क्रमांक 343 में शनिवार की देर शाम औराझरिया घाट के पास मछली लोड ट्रक के अनियंत्रित होकर पलट (CG road accident) गया। हादसे में ट्रक में सवार चालक और परिचालक घायल हो गए। वहीं मछलियों से भरे बॉक्स सडक़ पर बिखर गए। वहां से गुजर रहे लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया।


आंध्र प्रदेश से मछली लोड करके ट्रक वाहन क्रमांक एपी 16 टीएफ 5796 अंबिकापुर रामानुजगंज होते हुए गढ़वा के लिए जा रहा था। ट्रक को चालक जैसे ही लेकर के बलरामपुर से आगे औरझरिया घाट के पास पहुंचा तो नियंत्रण खो दिया। इससे ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया (CG road accident) और उसमें लदे मछली के बॉक्स सडक़ पर बिखर गए।

इस हादसे से घटनास्थल के समीप अफरातफरी मच गई। सडक़ से गुजर रहे लोगों ने यातायात पुलिस को सूचना दी। इस पर ट्रैफिक व हाईवे पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची। हादसे में गंभीर रूप से घायल चालक को यातायात की टीम अपने वाहन से अस्पताल लाकर भर्ती कराई।

वहीं परिचालक को मामूली चोटें आई थी, उसका हाइवे पेट्रोलिंग टीम ने मौके पर ही प्राथमिक उपचार किया। इधर दुर्घटनाग्रस्त वाहन को रविवार को हाइवे पेट्रोलिंग टीम ने सडक़ के किनारे कराया।

घंटों बाधित रहा यातायात

पुलिस की मदद से मछली के बॉक्सों को दूसरे वाहन से गंतव्य तक भेजा गया। ट्रक को किनारे कराने एवं मछली के बॉक्सों को दूसरे गाड़ी में लदवाने के दौरान बीच-बीच में कुछ घंटे के लिए यातायात बाधित रहा। इस कार्य में हाइवे पेट्रोलिंग टीम के अमित मिंज, गिरवर सिंह व नरेंद्र यादव की सक्रिय भूमिका रही।

13 दिन में आधा दर्जन अधिक हादसे

औराझरिया के इस घाट पर जुलाई के 13 दिनों में 6 से भी ज्यादा दुर्घटना हो गई है और दर्जनों लोग घायल हो गए हैं। दुर्घटना को रोकने के लिए इस जगह पर यातायात विभाग, पुलिस विभाग, परिवहन व पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा कई उपाय किए गए हैं लेकिन एक भी सार्थक साबित नहीं हो रहे हैं। औसतन हर तीसरे दिन इस जगह एक दुर्घटना हो रही है। एक्सपर्ट का कहना है कि घाट उतरने से पहले ही कहीं पर चेतावनी बोर्ड नहीं लगा है।

Updated on:
14 Jul 2024 08:27 pm
Published on:
14 Jul 2024 08:27 pm