रात में भतीजे के घर जाने निकले व्यक्ति की पेड़ के नीचे दबकर हो गई मौत, डंगाल काटकर बाहर निकाली गई लाश
कुसमी. 28 मई की रात एक ग्रामीण अपने भतीजे के घर जा रहा था। इसी दौरान अचानक तेज आंधी चलने लगी। इस दौरान वह नहीं रुका और घर की तरफ बढ़ता गया। इसी बीच अचानक वहां स्थित आम का विशाल पेड़ गिर गया। उसके नीचे दब जाने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। रातभर उसकी लाश वहीं पड़ी रही।
सुबह जब गांव के बच्चों ने पेड़ गिरा देखा तो वे उसमें से आम तोडऩे लगे। इसी बीच उनकी नजर नीचे दबे ग्रामीण पर पड़ी तो वे चिल्लाते हुए घर भागे। इस बीच वहां लोगों की भीड़ जुट गई। फिर पेड़ की डंगाल काटकर उसके शव को बाहर निकाला गया। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर विवेचना शुरु कर दी है।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी थानांतर्गत ग्राम करमी उरांवटोली निवासी 48 वर्षीय घूरन राम के भतीजे पितांबर की रविवार को शादी थी। बारात रविवार के दिन ग्राम कृष्णनगर में गया था। वहां से विवाह कार्यक्रम सम्पन्न होने के बाद घूरन राम सहित अन्य लोग वाहन से वापस अपने गांव करमी लौट गए थे, जबकि कुछ बाराती घर नहीं पहुंचे थे।
वे वापस लौटे या नहीं, यह पता करने घूरन राम रात के करीब 9 बजे अपने भतीजे के घर जा रहा था। वह अभी कुछ दूर ही निकला था कि आंधी-तूफान शुरू हो गई। इसके बावजूद वह नहीं रुका और चलता गया। वह जैसे ही अपने घर से करीब 75 मीटर आगे अमरसाय के घर के समीप पहुंचा था कि सड़क किनारे स्थित एक विशाल आम का पेड़ गिर गया।
पेड़ ने घूरन राम को अपनी चपेट में ले लिया। उसकी पेड़ के नीचे दबकर मौत हो गई। रातभर वह पेड़ के नीचे ही दबा रह गया और इसकी जानकारी किसी को नहीं लगी।
बच्चों ने देखी लाश
सोमवार की सुबह गांव के बच्चे गिरे हुए पेड़ के नीचे खेलते-खेलते पहुंच गए और आम का फल तोडऩे लगे। इसी बीच उनकी नजर पेड़ के नीचे दबे घूरन पर पड़ी। यह देख बच्चे वहां से भागते हुए घर पहुंचे और परिजनों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद तत्काल गांव वाले वहां पहुंचे और उसकी पहचान घूरन राम के रूप में की।
ग्रामीणों ने इसकी सूचना कुसमी पुलिस को दी। फिर पेड़ का डंगाल काटकर उसका शव बाहर निकाला गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा व पीएम पश्चात शव उसके परिजनों को सौंप दिया।