Opium cultivation: 8 आरोपी को पहले ही पुलिस गिरफ्तार कर भेज चुकी है जेल, झारखंड का सरगना लीज पर जमीन लेकर करा रहा था खेती
कुसमी। बलरामपुर जिले के कुसमी थाना क्षेत्र अंतर्गत 10 मार्च को ग्राम त्रिपुरी घोसराडांड़ में उजागर हुए बहुचर्चित अफीम खेती मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार (Opium cultivation) चल रहे नौवें आरोपी को बिहार के गया जिले से गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई के साथ ही मामले में पुलिस की अंतरराज्यीय नेटवर्क पर पकड़ और मजबूत होती दिखाई दे रही है।
10 मार्च को पुलिस राजस्व सहित अन्य विभागों की संयुक्त टीम ने त्रिपुरी घोसराडांड़ में दबिश देकर रूपदेव भगत और कौशिल भगत के खेत में अवैध रूप से उगाई जा रही अफीम की विशाल फसल (Opium cultivation) जब्त की थी। कार्रवाई के दौरान कुल 244 प्लास्टिक बोरियों में भरी 4344.569 किलोग्राम अफीम बरामद की गई थी, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ 75 लाख रुपए आंकी गई।
इस मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 18 के तहत अपराध दर्ज किया गया। इस मामले में फरार चल रहे एक आरोपी रोहन सिंह, जो बिहार के गया जिले के बाराचट्टी थाना क्षेत्र के ग्राम सोमिया का निवासी है, इसे भी पुलिस टीम ने दबोच लिया। गिरफ्तारी (Opium cultivation) के बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
पूरे घटनाक्रम में छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के आरोपियों की संलिप्तता सामने आने से यह स्पष्ट हो गया है कि अवैध अफीम खेती का यह नेटवर्क अंतरराज्यीय स्तर पर संचालित हो रहा था। पुलिस अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में अफीम (Opium cultivation) की खपत और आपूर्ति किन-किन क्षेत्रों में की जानी थी।
प्रारंभिक कार्रवाई में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर 11 मार्च को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था। इसके बाद फरार आरोपियों की तलाश में टीम लगातार छापेमारी (Opium cultivation) कर रही थी। इसी क्रम में 16 मार्च को गया बिहार से पैरू सिंह भोक्ता को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले (Opium cultivation) की जांच अभी जारी है और इसमें शामिल अन्य संभावित आरोपियों तथा नेटवर्क की कडिय़ों को खंगाला जा रहा है। आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।