बलरामपुर

Naxal member arrested: नक्सली संगठन के सदस्य को पुलिस ने झारखंड से किया गिरफ्तार, लंबे समय से था फरार

Naxal member arrested: बलरामपुर पुलिस की सफलता, बलवा, डकैती, हत्या के प्रयास और आम्र्स एक्ट का अपराध था दर्ज, न्यायालय से जारी था स्थायी वारंट
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Updated: 11 Apr 2026, 7:26 PM IST
Naxal member arrested
Naxalite arrested (Photo- Patrika)

कुसमी। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सामरीपाठ पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे नक्सली संगठन के सक्रिय सदस्य और स्थायी वारंटी मुन्ना कोरवा को गिरफ्तार (Naxal member arrested) करने में सफलता हासिल की है। आरोपी को झारखंड के भंडरिया क्षेत्र से पकडक़र न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। उसके खिलाफ बलवा, हत्या के प्रयास, डकैती समेत अन्य धाराओं में अपराध दर्ज था। कोर्ट से उसके खिलाफ स्थायी वारंट भी जारी किया गया था।

वर्ष 2012 में थाना सामरीपाठ में दर्ज एक गंभीर आपराधिक मामले में मुन्ना कोरवा (Naxal member arrested) सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ बलवा, डकैती, हत्या के प्रयास और आम्र्स एक्ट जैसी धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। इस मामले में मुन्ना कोरवा के खिलाफ न्यायालय द्वारा स्थायी वारंट जारी किया गया था।

हाल ही में पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी झारखंड के भण्डरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम टेहड़ी में छिपकर रह रहा है। सूचना के आधार पर बलरामपुर पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्व दीपक त्रिपाठी और एसडीओपी कुसमी आशीष कुंजाम के मार्गदर्शन में टीम गठित कर झारखंड (Naxal member arrested) रवाना किया गया।

टीम ने वहां दबिश देकर आरोपी मुन्ना कोरवा पिता भोगड़ो कोरवा उम्र 33 वर्ष निवासी टेहड़ी थाना भण्डरिया जिला लातेहार झारखंड को गिरफ्तार कर थाना सामरीपाठ लाया। इसके बाद न्यायालय में पेश किया।

Naxal member arrested: कार्रवाई में ये रहे शामिल

कार्रवाई (Naxal member arrested) में थाना प्रभारी सामरी पाठ निरीक्षक विजय प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक आनंद मसीह तिर्की, प्रधान आरक्षक विनोद सिंह, आरक्षक मोतीराम राजवाड़े, ओमकार रजक व अजय कुमार शामिल रहे।

इस वारदात में था शामिल

घटना 9-10 फरवरी 2012 की है, जब नक्सलियों ने ग्राम जलजली निवासी लखू यादव को ग्राम पुन्दाग में बंधक बनाकर मारपीट की थी तथा उसकी हत्या करने की नीयत (Naxal member arrested) से गोली भी चलाई थी। हालांकि पीडि़त किसी तरह से वहां से जान बचाकर जंगल की ओर भाग निकला था।

मामले की विवेचना के दौरान आरोपी मुन्ना कारेवा व अन्य के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर 30 मई 2012 को न्यायालय रामानुजगंज में चालान पेश किया गया था। इसके बाद से मुन्ना फरार चल रहा था।

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11 Apr 2026, 7:26 PM IST
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