बलरामपुर

Balrampur Mining Rules: अब निजी जमीन से बालू-मिट्टी खनन के लिए ऑनलाइन आवेदन, जानें पूरी प्रक्रिया

Balrampur Mining Rules: बलरामपुर में निजी जमीन से साधारण बालू और मिट्टी के खनन के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू है। किसान और भू-स्वामी यूपी माइन मित्र पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। जिला प्रशासन ने अवैध खनन पर 2 से 5 लाख रुपये तक जुर्माने की चेतावनी भी जारी की है।
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अपर जिलाधिकारी फोटो सोर्स NIC
अपर जिलाधिकारी फोटो सोर्स NIC

Balrampur Mining Rules: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में निजी जमीन पर साधारण बालू और मिट्टी के खनन को लेकर जिला प्रशासन ने नई जानकारी साझा की है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ज्योति राय ने बताया कि किसान और भूमि स्वामी अब निर्धारित नियमों के तहत ऑनलाइन आवेदन कर खनन की अनुमति प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यदि किसी किसान की निजी जमीन नदी के किनारे या नदी तल क्षेत्र में है। वहां साधारण बालू मौजूद है, तो उसे खनन के लिए यूपी माइन मित्र (UP Mine Mitra) पोर्टल पर आवेदन करना होगा। आवेदन मिलने के बाद तहसील स्तर पर सभी दस्तावेजों की जांच की जाएगी। जरूरत पड़ने पर सिंचाई विभाग और वन विभाग से भी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लिया जाएगा।

जानिए टेंडर प्रक्रिया

इसके बाद संबंधित क्षेत्र की डिस्ट्रिक्ट सर्वे रिपोर्ट तैयार की जाएगी। जिसे पर्यावरण से संबंधित सक्षम प्राधिकरण से मंजूरी दिलाई जाएगी। सभी मंजूरियां मिलने के बाद उस क्षेत्र के लिए ई-टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। यदि टेंडर में सबसे ऊंची बोली लगती है। तो संबंधित किसान को उससे एक रुपये अधिक राशि पर खनन करने का पहला मौका दिया जाएगा। यदि किसान यह अवसर नहीं लेता है। तो उसे नियम के अनुसार मिलने वाली रॉयल्टी का 20 प्रतिशत मुआवजा दिया जाएगा।

खनन के लिए करना होगा ऑनलाइन आवेदन

साधारण मिट्टी के खनन के लिए भी आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन ही रहेगी। इसके लिए आवेदक को खतौनी, भूमि का नक्शा और 2,000 रुपये का चालान अपलोड करना होगा। जांच और खनन योजना की मंजूरी के बाद अनुमति पत्र जारी किया जाएगा।

अवैध खनन पर 2 लाख से 5 लाख तक जुर्माना

प्रशासन ने साफ किया है कि बिना अनुमति के नदी तल से खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है। अवैध परिवहन करते पकड़े जाने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना, रॉयल्टी और खनिज मूल्य वसूला जाएगा। वहीं, अवैध खनन पर कम से कम 2 लाख और अधिकतम 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। जिला प्रशासन ने किसानों और भू-स्वामियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक ऑनलाइन प्रक्रिया का ही पालन करें। किसी भी तरह के अवैध खनन से दूर रहें।

Updated on:
15 Jul 2026 10:46 pm
Published on:
15 Jul 2026 10:46 pm