Balrampur Road Accident: बलरामपुर के तुलसीपुर रोड पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में दो सगे भाइयों की इलाज के दौरान मौत हो गई। तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की टक्कर से दोनों गंभीर रूप से घायल हुए थे। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है। जबकि परिजनों ने अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं।
बलरामपुर जिले में तेज रफ्तार का कहर एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन ले गया। तुलसीपुर रोड पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में दो सगे भाइयों की इलाज के दौरान मौत हो गई। दोनों युवक घर से किसी जरूरी काम के लिए निकले थे। लेकिन रास्ते में अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बलरामपुर जिले के तुलसीपुर रोड पर हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की टक्कर से दो सगे भाइयों की जिंदगी हमेशा के लिए खत्म हो गई। हादसे के बाद परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा, जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। मृतकों की पहचान शोएब खान (20) और अयूब खान (22) के रूप में हुई है। दोनों भाई महाराजगंज क्षेत्र के लोकाहवा गांव के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि दोनों किसी काम से बाहर निकले थे। इसी दौरान तुलसीपुर रोड पर पीछे से आए तेज रफ्तार वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी भयावह थी कि दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे में एक भाई की जांघ की हड्डी टूट गई। जबकि दोनों के चेहरे और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मानवता दिखाते हुए एंबुलेंस को सूचना दी। घायलों को संयुक्त जिला चिकित्सालय पहुंचाया।
अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने दोनों की हालत गंभीर देखते हुए मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर कर दिया। परिजन पूरी उम्मीद के साथ उन्हें बचाने की कोशिश करते रहे। लेकिन इलाज के दौरान दोनों भाइयों ने दम तोड़ दिया। जैसे ही मौत की खबर गांव पहुंची। पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है।
हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। वहीं, परिजनों ने जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण गंभीर मरीजों को तुरंत बेहतर इलाज नहीं मिल पाता और उन्हें रेफर करना पड़ता है। देहात कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक गिरजेश तिवारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। फरार वाहन चालक की तलाश के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।