
सांकेतिक तस्वीर फोटो जेनरेट AI
बलरामपुर में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। मॉडिफाइड साइलेंसर से होने वाले शोर को रोकने के लिए परिवहन और यातायात विभाग ने संयुक्त अभियान शुरू किया। इस दौरान न सिर्फ सड़कों पर वाहनों की जांच हुई। बल्कि दुकानों और वर्कशॉप पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
बलरामपुर जिले में तेज आवाज करने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। आम लोगों को शोर से होने वाली परेशानी को देखते हुए परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने सोमवार को संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य सड़कों पर शोर मचाने वाले वाहनों पर कार्रवाई करने के साथ-साथ उन जगहों पर भी रोक लगाना है। जहां से यह समस्या पैदा हो रही है।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) बृजेश यादव और यातायात प्रभारी निरीक्षक उमेश सिंह की अगुवाई में टीम ने जिले के विभिन्न इलाकों में बाइक शोरूम, वर्कशॉप और ऑटो पार्ट्स की दुकानों की जांच की। इस दौरान खासतौर पर उन साइलेंसरों पर नजर रखी गई, जो तेज आवाज पैदा करते हैं, जैसे बुलेट बाइक में लगाए जाने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर।
अधिकारियों ने साफ किया कि यदि किसी भी दुकान पर अवैध रूप से ऐसे साइलेंसर बेचे जाते मिले। तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वाहन मालिकों को भी चेतावनी दी गई कि नियमों का उल्लंघन करने पर मोटर यान अधिनियम के तहत 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अभियान के दौरान शहर के प्रमुख चौराहों पर भी चेकिंग की गई, जहां कई वाहनों की जांच की गई और कुछ चालकों को मौके पर ही चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि मॉडिफाइड साइलेंसर से निकलने वाली तेज आवाज न केवल नियमों के खिलाफ है। बल्कि यह बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए भी बेहद परेशानी का कारण बनती है। प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। लोगों से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें। अनावश्यक शोर फैलाने से बचें, ताकि शहर में शांति और व्यवस्था बनी रहे।
Published on:
20 Apr 2026 07:29 pm
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