
बलरामपूर में हुई सूर्या हत्याकांड जैसी वारदात (फोटो- पत्रिका)
UP Crime News: गाजियाबाद के चर्चित सूर्या चौहान हत्याकांड जैसी ही एक वारदात अब उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले से सामने आई है। यहां मोहल्ले में बेवजह घूमने से टोकने पर एक समुदाय के युवकों ने दूसरे समुदाय के लोगों पर लाठी डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में गंभीर रूप से घायल युवक धनराज मौर्य की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
घटना गैंड़ास बुजुर्ग थाना क्षेत्र के अहिरौला गांव की है। यहां 26 मई को राजू मौर्य ने दूसरे समुदाय के एक युवक आसिफ को अपने मोहल्ले में अनावश्यक रूप से घूमने के लिए मना किया। इस बात को लेकर दोनों के बीच तीखी कहासुनी हुई थी। उस समय आसिफ राजू मौर्य को धमकी देते हुए वहां से चला गया था।
अगले दिन 27 मई को राजू मौर्य जब चौराहे पर चाय पीने जा रहे थे तभी आसिफ अपने अन्य साथियों के साथ वहां पहुंच गया। विवाद बढ़ने पर लाठी डंडे से लैस इन युवकों ने राजू पर हमला बोल दिया। शोर सुनकर बीच-बचाव करने पहुंची राजू की पत्नी मीना देवी और भतीजे धनराज मौर्य को भी आरोपियों ने बुरी तरह पीटा। इस हमले में धनराज के सिर पर गंभीर चोटें आईं। उसे तुरंत इलाज के लिए लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया जबकि मीना देवी का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
सिर में गंभीर चोट लगने के कारण लखनऊ में धनराज का ऑपरेशन भी किया गया था लेकिन 30 मई को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। धनराज की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। देर रात शव घर पहुंचने पर परिवार ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया।
स्थानीय विधायक रामप्रताप वर्मा और आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद वे अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। पुलिस ने दर्ज मुकदमे में अब हत्या की धारा भी जोड़ दी है। इस मामले में पांच आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि, फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए गांव में कई थानों की पुलिस तैनात कर दी गई है।
वहीं यूपी भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सपा पर तंज कसते हुए कहा कि एक धर्म विशेष द्वारा बलरामपुर में धनराज मौर्य और गाजियाबाद में सूर्या चौहान की दर्दनाक हत्या ने दो परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। लेकिन समाजवाद और पीडीए के नाम पर राजनीति करने वालों की जुबान पर ताला लगा हुआ है। कारण स्पष्ट है इस बार वोटबैंक की राजनीति ने संवेदनाओं को बांट दिया। जिनकी संवेदनाएं केवल जाति-समुदाय के हिसाब से जागती हैं, वे अब चुप हैं। जिन लोगों ने न्याय, समानता और इंसानियत की बातें कीं, वे आज अपने राजनीतिक स्वार्थ के चलते मौन हैं। उत्तर प्रदेश की जनता इस चयनात्मक संवेदना, राजनीतिक पाखंड और दोहरे चरित्र को भली-भांति पहचान चुकी है। जनता सब देख रही है, सब समझ रही है और समय आने पर इसका जवाब भी देगी।
Updated on:
02 Jun 2026 12:11 pm
Published on:
02 Jun 2026 12:02 pm
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