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बलरामपुर 11 करोड़ के मध्यान भोजन घोटाले का एक औऱ आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे, एक्सेल शीट बदलकर करते थे हेराफेरी

बलरामपुर के 11 करोड़ रुपये के मिड डे मील घोटाले में एक और आरोपी गिरफ्तार। एक्सेल शीट बदलकर सरकारी धन के गबन का खुलासा, अब तक 14 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। कई पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।

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पकड़े गए आरोपों के साथ पुलिस टीम फोटो सोर्स विभाग

पकड़े गए आरोपों के साथ पुलिस टीम फोटो सोर्स विभाग

बलरामपुर में मध्यान्ह भोजन योजना (एमडीएम) से जुड़े करोड़ों रुपये के घोटाले में पुलिस ने रविवार को एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक 14 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में सामने आया है कि सरकारी रिकॉर्ड और एक्सेल शीट में बदलाव कर 11 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम का गबन किया गया। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच अभी जारी है। जल्द ही अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई होगी।

बलरामपुर जिले में मध्यान्ह भोजन योजना से जुड़े बड़े घोटाले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। रविवार को पुलिस ने इस मामले में एक और आरोपी जैनुल आबदीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस के मुताबिक अब तक इस प्रकरण में कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर कोतवाली नगर पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में अभियान चला रही है। जांच में पता चला है कि इस घोटाले को अंजाम देने के लिए सरकारी दस्तावेजों और एक्सेल शीट में बदलाव किया गया था। जांच एजेंसियों के अनुसार सबसे पहले स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या के आधार पर मध्यान्ह भोजन योजना की कन्वर्जन कॉस्ट तय की जाती थी। इसके बाद एक मूल एक्सेल शीट तैयार कर उसे बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मंजूरी दिलाई जाती थी। फिर जिलाधिकारी की स्वीकृति के लिए भेजा जाता था।

डीएम से मंजूरी मिलने के बाद असली एक्सेल शीट बदलकर पोर्टल पर अपलोड की जाती थी

आरोप है कि जिलाधिकारी से मंजूरी मिलने के बाद असली एक्सेल शीट को बदलकर दूसरी संशोधित शीट पीएफएमएस पोर्टल पर अपलोड कर दी जाती थी। इस बदली गई शीट में कुछ चुनिंदा विद्यालयों के खातों में ज्यादा रकम दिखाई जाती थी। जबकि दूसरे स्कूलों की राशि कम कर दी जाती थी। ऐसा इसलिए किया जाता था ताकि कुल बजट में कोई अंतर नजर न आए।

जिला समन्वयक फिरोज अहमद खान घोटाले का मास्टरमाइंड

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि जिन स्कूलों के खातों में अतिरिक्त पैसा भेजा गया। वहां के प्रधानाध्यापक, ग्राम प्रधान और अभिभावक समिति के अध्यक्ष मिलकर रकम निकालते थे। उसे आपस में बांट लेते थे। गिरफ्तार आरोपी जैनुल आबदीन ने पूछताछ में बताया कि वह जिला समन्वयक फिरोज अहमद खान के साथ मिलकर इस पूरे फर्जीवाड़े में शामिल था। उसने माना कि एक्सेल शीट में बाद में बदलाव कर सरकारी धन का गलत तरीके से इस्तेमाल किया जाता था।

BSA ने 45 लोगों के खिलाफ दर्ज कराया था मुकदमा

इस मामले में 26 नवंबर को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की जांच रिपोर्ट के बाद 45 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और जल्द ही अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।