बलरामपुर पुलिस ने टेरर फंडिंग के अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का खुलासा किया है। जिसके माध्यम से भोले भाले गरीब लोगों को फंसा कर उनके बैंक में अकाउंट खुलवाए जाते थे और लालच देकर एटीएम और पासबुक ले लेते थे।
बलरामपुर पुलिस में टेरर फंडिंग के मामले में पांच को गिरफ्तार किया है। जिन्होंने 30 खातों के माध्यम से पाकिस्तान को 8.5 करोड रुपए ट्रांसफर किए हैं। गैंग का सरगना दिल्ली में बैठकर पूरे गिरोह का नेतृत्व करता था। जिसे भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एसपी विकास कुमार ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि यह अंतरराष्ट्रीय गिरोह है। जिसमें पाकिस्तान और सिंगापुर का भी नाम आया है। गिरोह के सदस्य लालच देकर गरीब लोगों के बैंक अकाउंट खुलवाते थे। इसके बदले प्रतिमाह निश्चित रकम दी जाती थी। गिरोह के सदस्य खाता खुलवाकर पासबुक और एटीएम अपने पास रख लेते थे। पुलिस अभी पूरे मामले की जांच कर रही है।
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में टेरर फंडिंग का बड़ा मामला सामने आया है। जिसमें पुलिस ने सस्पियर मूल निवासी बिहार हाल पता दिल्ली, प्रदीप कुमार निवासी फर्रुखाबाद, लवकुश, सत्यदेव और जयप्रकाश निवासीगण बलरामपुर गिरफ्तार किए गए हैं। गिरोह के सदस्य गरीब लोगों को बिजनेस समझाकर कमाई का लालच देते थे।
सबसे पहले एक नया सिम खरीदा जाता था। जिसके माध्यम से बैंक में अकाउंट खुलवाया जाता था। गिरोह के सदस्य प्रति माह 5 हजार रुपए देने का वादा कर पासबुक और एटीएम अपने पास रख लेते थे। गरीब आदमी अभाव में रहने वाले लोग जैसा गिरोह के सदस्य कहते थे। वैसा करते चले जाते थे। इस प्रकार के लगभग 200 अकाउंट के विषय में पुलिस को जानकारी हुई है।
गिरोह के सदस्य चाइनीज एप के माध्यम से पैसे का लेनदेन करते थे। जो करीब 10 साल से एक्टिव है। बीते एक साल में गिरोह के सदस्यों ने 8.15 करोड रुपए पाकिस्तान भेजे हैं। गिरोह का सरगना सस्पियर बिहार राज्य के मुफस्सिल नवादा का रहने वाला है। जो दिल्ली में रहकर पूरे नेटवर्क का संचालन करता है। अपने गिरोह के सदस्यों को बचाने के लिए वह बलरामपुर पहुंचा था। जिसे भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की जांच में दो पाकिस्तान बैंक अकाउंट के विषय में जानकारी मिली है। सितंबर 2024 से जुलाई 2025 तक इन खातों में 8.15 करोड रुपए ट्रांसफर किए गए हैं। सस्पियर के मोबाइल में यह रिकॉर्ड मिला है। सस्पियर ने चार व्हाट्सएप अकाउंट बनाए हैं। जिनके माध्यम से वह नेटवर्क का संचालन करता है। इसके अतिरिक्त 200 बैंक खातों का यूपीआई की भी जानकारी मिली है। एसपी ने बताया कि क्रिप्टो करेंसी में यह रकम लगाई जाती थी। जो चीनी और सिंगापुर एप का प्रयोग करते हैं। अभी मामले की जांच की जा रही है।