बांदा

‘जीवित लोगों का ही ख्याल नहीं, मृतकों से क्या अपेक्षा करें’, अखिलेश यादव का BJP पर हमला, बोले- स्वास्थ्य मंत्रालय छुट्टी पर है क्या?

Uttar Pradesh News: बांदा मेडिकल कॉलेज में परिजनों के सोने के दौरान आवारा कुत्ते मृत नवजात का शव उठा ले गए। सुबह 50 मीटर दूर उसके हाथ-पैर मिले, जबकि सिर और धड़ का पता नहीं चला। अखिलेश यादव ने घटना पर भाजपा सरकार को घेरा।
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Updated: 3 Nov 2026, 9:33 AM IST
अखिलेश यादव बोले- किसानों की खुशहाली जरूरी (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
अखिलेश यादव बोले- किसानों की खुशहाली जरूरी (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )

Banda Medical CollegeNewborn Incident: उत्तर प्रदेश के बांदा स्थित रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहां मृत नवजात का शव अस्पताल के ओटी ब्लॉक के हॉल में रखा था। रात में आवारा कुत्ते उसे उठाकर ले गए और नोंच डाला। सुबह परिजनों को हॉल से करीब 50 मीटर दूर बच्चे के हाथ-पैर मिले, जबकि सिर और धड़ का पता नहीं चला। घटना के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए। अस्पताल प्रशासन ने तीन गार्डों की सेवा समाप्त करने के लिए पत्र लिखा है।

अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना

बांदा मेडिकल कॉलेज की घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने लिखा कि भाजपा राज में जब जीवित का ही ख़्याल रखनेवाला कोई नहीं है, तो मृत के लिए क्या अपेक्षा करना। जो लोग बरेली में रैली करने आ रहे हैं वो बगल के उस शाहजहांपुर भी चलें जाएं जहां कभी वो शिलान्यास करने गए थे और देखें कि भाजपा राज में किस तरह पूरा उत्तर प्रदेश मेडिकल अराजकता के दौर से गुजर रहा है। अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य मंत्रालय ‘Sick Leave’ पर है क्या।

आवारा कुत्ते नवजात का शव उठाकर ले गए

यह मामला बांदा के रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज का है। गिरवां के बड़ोखर खुर्द निवासी गनेश ने बताया कि रविवार रात करीब 11:30 बजे उनकी पत्नी गुड़िया को प्रसव पीड़ा हुई। इसके बाद वह 102 एंबुलेंस से उन्हें मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। एंबुलेंस में ही बच्चे का जन्म हो गया था। इसके बाद गुड़िया को स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में भर्ती कराया गया।

गनेश के मुताबिक, रात करीब 12:30 बजे ड्यूटी पर तैनात डॉ. सुशील ने उन्हें मृत नवजात सौंप दिया। उन्होंने बच्चे का शव अपनी भाभी ऊषा को दे दिया। रात होने के कारण गनेश और ऊषा ओटी ब्लॉक के हॉल में ही रुक गए। गनेश बेंच पर और ऊषा फर्श पर बच्चे के शव के साथ लेट गईं। इसी दौरान दोनों की आंख लग गई और परिसर में घूम रहे आवारा कुत्ते नवजात का शव उठाकर ले गए।

50 मीटर दूर मिले बच्चे के हाथ-पैर

गनेश ने बताया कि रात करीब तीन बजे उनकी नींद खुली तो नवजात का शव वहां नहीं था। उन्होंने ऊषा को जगाया और दोनों ने बच्चे की तलाश शुरू की। हॉल से करीब 50 मीटर दूर कॉरिडोर में नवजात के दोनों हाथ और दोनों पैर पड़े मिले। वहीं, सिर और धड़ का कुछ पता नहीं चला।सीसीटीवी फुटेज में कुत्ते मृत नवजात के शव को ले जाते और उसे नोंचते दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज में अफरा-तफरी मच गई। गनेश ने सुबह करीब सात बजे शव के अवशेष केन नदी में प्रवाहित कर दिए।

तीन गार्डों की सेवा समाप्त करने की तैयारी

मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने घटना को सुरक्षा में चूक माना है। प्राचार्य डॉक्टर सुनील कौशल ने तीन गार्डों की सेवा समाप्त करने के लिए पत्र लिखा है। इसके अलावा स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉक्टर मीनाक्षी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। डॉ. सुनील कौशल ने बताया कि प्रसूता ने मृत शिशु को जन्म दिया था। परिजन शव लेकर ओटी ब्लॉक के हॉल में रुके थे। रात में कुत्तों ने घटना अंजाम दी। सीसीटीवी फुटेज मिला है। तीनों गाडौँ की सेवा समाप्ति के लिए पत्र लिखा गया है।

Updated on:
3 Nov 2026, 9:33 AM IST
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