
मैसूरु. आचार्य विमलसागर सूरीश्वर ने कहा कि देश में जगह-जगह असामाजिक तत्व जैन साधुओं पर हमला करने के प्रयत्न कर रहे हैं। उन्हें रोकना और सबक सिखाना आवश्यक है। कुछ असामाजिक तत्वों ने जैन समाज को भ्रमित करने के लिए सोशल मीडिया एकाउंट बनाया है। वे लोग दो बार वे मुझ पर हमला कर चुके हैं। जैन तीर्थंकरों और साधुओं को गालियां और एसिड डालकर उन्हें मारने की खुली धमकी दे रहे हैं। इससे जैन साधु-साध्वी और अहिंसक जैन समाज के लोग चिंतित हैं।
नजरबाद स्थित आदिश्वर वाटिका में प्रवचन में जैनाचार्य ने कुछ महीनों पहले राजस्थान के तखतगढ़ में जैन साधु-साध्वियों पर हमले. गुजरात के भरूच में पदयात्रा कर रही जैन साध्वियों से छेड़खानी व विरोध करने पर साध्वियों की पिटाई व चार दिन पहले राजस्थान के रानी- फालना के एक जैन परिवार की गुजरात के शंखेश्वर तीर्थ में पिटाई का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से निर्दोष, अहिंसक लोग बहुत परेशान हो रहे हैं और दूसरी तरफ हिंसक, असामाजिक तत्व निर्भीक होकर घूम रहे हैं। आदिनाथ जैन संघ, पार्श्व वाटिका जैन संघ, जैन चेरिटेबल ट्रस्ट, महावीर जिनालय ट्रस्ट और कल्याण मित्र वर्षावास समिति के पदाधिकारियों के साथ सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे।