बैंगलोर

भाजपा सोशल मीडिया से परेशान

विजयेंद्र को उम्मीदवार नहीं बनाने से नाराज पार्टी समर्थक बने भाजपा की परेशानी
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मैसूरु. पुराने मैसूरु क्षेत्र में जनाधार मजबूत करने की कोशिश में लगी भाजपा को सोशल मीडिया पर अजीबोगरीब चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। मैसूरु के वरुणा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बीएस येड्डियूरप्पा के बेटे विजयेंद्र को अंतिम समय में उम्मीदवार न बनाए जाने से नाराज कथित राघवेंद्र समर्थक सोशल मीडिया पर लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे भाजपा के आधिकारिक उम्मीदवारों को वोट न दें। सोशल मीडिया के जानकारों का मानना है कि राघवेंद्र को उम्मीदवार नहीं बनाने के भाजपा के फैसले से भाजपा कार्यकर्ताओं का एक वर्ग काफी नाराज है। यही कारण है कि वे अपनी नाराजगी सोशल मीडिया पर जाहिर कर रहे हैं। मौजूदा दौर में सोशल मीडिया हर राजनैतिक दल के प्रचार का सशक्त माध्यम बन चुका है इसलिए भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान न करने की अपील का चुनाव में भाजपा के उम्मीदवारों के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है।

कथित रूप से नाराज भाजपा कार्यकर्ता रोज फेसबुक, ट्विटर, व्हाटसअप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अलग-अलग सैंकड़ों संदेश पोस्ट कर रहे हैं। इनमें मैसूरु के मतदाताओं से अपील की जा रही है कि वे भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान न करें और भाजपा को सबक सिखाएं। नाराज कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी ने मैसूरु में पात्र और जनता से समर्थन प्राप्त नेता को उम्मीदवार नहीं बनाया है, इस कारण भाजपा को उसकी भूल का चुनाव में अहसास कराएं। लोगों से मतदान के दिन नोटा का बटन दबाने की अपील की गई है।

सोशल मीडिया पर पार्टी विरोधी पोस्टों में वरिष्ठ भाजपा नेता और केन्द्रीय मंत्री अनंत कुमार तथा एस.ए. रामदास को को खलनायक के रूप में पेश किया जा रहा है। दोनों नेताओं पर आरोप लगाया गया हैकि इन्होंने लिंगायत समुदाय से आने वाले बीएस येड्डियूरप्पा को पार्टी कमजोर करने के मकसद से चाल चली है। साथ ही येड्डियूरप्पा के बेटे विजयेन्द्र को वरुणा से उम्मीदवार न बनाए जाने का ठीकरा भी अनंत कुमार पर फोड़ा जा रहा है। इन दोनों के अतिरिक्त आरएसएस प्रचारक संतोष के खिलाफ भी लोग सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा उतार रहे हैं और उन्हें येड्डियूरप्पा के विरोधी के रूप में पेश किया जा रहा है।


भड़के शाह, बोले भाषण का सही अनुवाद करो
बेंगलूरु. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह मंच पर ही महिला अनुवादक पर भड़क गए। मंगलावर को वे नेलमंगला विधानसभा में रैली को संबोधित कर रहे थे। शाह मंच से हिंदी में भाषण दे रहे थे और वहीं मंच पर खड़ी महिला उसका कन्नड़ में अनुवाद कर रही थीं। मंच से अमित शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि अरे राहुल बाबा आप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चैलेंज कर रहे हो।

इसका कन्नड़ में अनुवाद करते हुए महिला ने नरेंद्र मोदी के साथ कन्नड़ में यशस्वी और विश्वगुरु जैसे विशेषणों का उपयोग करना शुरू कर दिया। यह देख अमित शाह नाराज हो गए। उन्होंने मंच पर ही अनुवादक को टोकते हुए कहा कि मैं जो बोल रहा हूं उसे ही अनुवाद करो, अपने मन से मत जोड़ो। मैंने कब विश्वगुरु कहा, ऐसा मत करो। अनुवाद कर रही महिला से भाषण के दौरान दो बार गलती हुई, इसके बाद उसने माइक किसी और को थमा दिया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हो रहा है।

Published on:
10 May 2018 07:40 pm
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