बैंगलोर

भाजपा का उपवास हास्यास्पद: सुरजेवाला

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने यहां गुरुवार को भाजपा के उपवास पर जम कर प्रहार किए

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बेंगलूरु. कांग्रेस ने भाजपा के राष्ट्रव्यापी उपवास को हास्यास्पद करार दिया है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने यहां गुरुवार को भाजपा के उपवास पर जम कर प्रहार किए। उन्होंने कहा कि यह उपवास प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को श्रेष्ठ प्रशासन देने में विफल रहने पर प्रायश्चित करने के लिए किया है। भाजपा को कर्नाटक के विधानसभा चुनाव और अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव में मिलने वाली करारी पराजय की भनक अभी से ही मिल गई है। इसलिए मोदी के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और अन्य सांसदों ने उपवास किया है।

हुब्बली में किसानों के संवाद से पहले नाश्ता और दोपहर में भोजन करते हैं। यह उपवास देश में हो रही अप्रिय घटनाओं पर से लोगों का ध्यान हटाने के लिए किया गया है। भाजपा के इस नाटक से नागरिक वाकिफ है। मोदी ने बजट सत्र बाधित करने के नाम पर उपवास किया लेकिन सच्चाई तो यह है कि भाजपा ने ही संसद को बिल्कुल नकार दिया था। संसद में ेविपक्ष के केवल ३८ सांसद हैं। उन्हें भी किसी भी विषय पर चर्चा या बहस का अवसर नहीं दिया गया।

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सिद्धरामय्या को किसानों से कोई हमदर्दी नहीं: शाह

सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस संसद में अहम मसलों पर चर्चा करना चाहती थी। मोदी ने इससे बचने के लिए संसद में हंगामा खड़ा कर सत्र को चलने का अवसर ही नहीं दिया। विपक्ष को सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री केवल किसानों की हित की बातें करते है। लेकिन केन्द्र सरकार किसानों का कर्जा माफ करने के लिए तैयार नहीं है। केवल सिद्धरामय्या सरकार पर आरोप लगाती है। मोदी सरकार सभी क्षेत्रों में विफल होचुकी है। केवल झूठे आश्वानन और वादे करने में ही कीमती समय बर्बाद कर दिया।

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उम्मीदवारों के चयन को लेकर कोई मतभेद नहीं: येड्डियूरप्पा
बेंगलूरु. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बीएस येड्डियूरप्पा ने कहा कि विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों के चयन को लेकर उत्पन्न तमाम उलझनों को चंद दिनों में दूर कर लिया जाएगा। येड्डियूरप्पा ने गुरुवार को हुब्बली में कहा कि उम्मीदवार चयन को लेकर पार्टी में कोई मतभेद नहीं है और सभी एकजुट होकर काम कर रहे हैं। राज्य में भाजपा के सत्ता में आने की प्रबल संभावना के कारण लोगों ने अधिक संख्या में टिकट के लिए आवेदन किए हैं और यह स्वाभाविक है कि जिन्हें टिकट नहीं मिले, वे निराश हैं। लेकिन इसे अंदरूनी कलह कहना गलत होगा।
पार्टी के तमाम कार्यकर्ता बहुत वफादार हैं और 12 मई को होने जा रहे चुनाव में पार्टी 150 सीटों पर जीत हासिल करने के अपने लक्ष्य को हासिल करेगी।

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Published on:
13 Apr 2018 06:34 pm
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