38 साल 2 महीने की रही सैन्य सेवा
उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और वायुसेना मेडल से सम्मानित किया गया
बेंगलूरु. प्रशिक्षण कमान (मुख्यालय) के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल एसआरके नायर वायुसेना को 38 साल 2 महीने की लंबी सेवा के बाद मंगलवार को सेवानिवृत्त हो गए। वे वर्ष 1980 में वायुसेना में कमीशंड हुए थे। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) खडग़वासला एवं राष्ट्रीय रक्षा अकादमी नई दिल्ली के पूर्व छात्र रहे एयर मार्शल नायर एक योग्य फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर रहे।
उन्होंने वायुसेना के विभिन्न विमानों में 7 हजार घंटे से अधिक उड़ान भरी। अपने सेवा काल में उन्होंने वायुसेना के विभिन्न परिवहन एवं प्रशिक्षण विमानों को उड़ाया। अपने 38 साल के लंबे कॅरियर में उन्होंने वायुसेना में विभिन्न महत्त्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी। कारगिल युद्ध के दौरान ऑपरेशन पराक्रम एवं 'ऑपरेशन सेफ्ड सागरÓ, मालदीव में ऑपरेशन कैक्टस, श्रीलंका में ऑपरेशन पवन में भी उन्होंने सक्रिय रूप से भाग लिया।
अमरीका में अभ्यास के दौरान उन्होंने आईएल-76 के साथ उड़ान भरी और उत्तरी धु्रव पर पहुंचे। वहीं उत्तराखंड में आई भयंकर प्राकृतिक विपदा के दौरान चलाए गए राहत एवं बचाव कार्य में एयर मार्शल नायर ने अहम भूमिका निभाई।
उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और वायुसेना मेडल से सम्मानित किया गया। प्रशिक्षण कमान में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण बदलाव किए। कई इनोवेटिव बदलाव से प्रशिक्षण की गुणवत्ता में आशातीत सुधार हुआ।
अपने कार्यकाल के आखिरी दिन मंगलवार को उन्होंने प्रशिक्षण कमान स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
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विनय मुनि खींचन का ऑपरेशन
बेंगलूरु. विनय मुनि खींचन का सोमवार को महावीर हॉस्पिटल में ऑपरेशन किया गया। अब वे स्वस्थ हैं। संघ के संपतराज मांडोत ने बताया कि गणेशबाग में पैर फिसलने से उनके कमर में फ्रेक्चर हो गया था। उन्हें तीन दिन बाद छुट्टी दी जाएगी।