बैंगलोर

लोस चुनाव में कर्नाटक से इतनी सीटें जीतना चाहती है कांग्रेस

कांग्रेस का स्फूर्ति सम्मेलन: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का आह्वान

2 min read
लोस चुनाव में कर्नाटक से इतनी सीटें जीतना चाहती है कांग्रेस

बेंगलूरु. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गुन्डूराव ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को अधिक सफलता प्राप्त कराने के उद्देश्य से सभी कार्यकर्ताओं को कमर कस लेने की जरूरत है। उन्होंने बुधवार को बेंगलूरु महानगर, बेंगलूरु ग्राामीण जिले युवा कांग्रेस समिति के अध्यक्षों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के स्फूर्ति सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि इस बार प्रदेश में कांग्रेस को कम से कम 20 सीटों पर सफलता दिलाना है, उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया शीघ्र शुरू होगी।

इससे पहले वे सभी लोकसभा क्षेत्रों के विधायकों, जिला और तहसील इकाइयों के अध्यक्षों और पदाधिकारियों से चर्चा करेंगे। सभी से सुझाव लेने के लिए तीन समितियां गठित की जाएंगी। तीनों समितियां 28 लोकसभा क्षत्रों का दौरा कर उम्मीदवारों से संंबंधित रिपोर्ट पेश करेंगी। इन समितियों की रिपोर्ट की बुनियाद पर ही उम्मीदवारों का चयन होगा। जनता दल-एस के साथ लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन हुआ है। जद-एस ने 10 से 12 सीटें देने का प्रस्ताव रखा है।

ये भी पढ़ें

बड़े शहरों में वायु प्रदूषण की रोकथाम के नए तरीके खोजने की जरूरत: परमेश्वर

उन्होंने कहा कि इस बार भी राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने की संभावना थी। कुछ कारणों से कांग्रेस को कई क्षेत्रों में परायज का सामना करना पड़ा। फिर भी पार्टी में पक्ष में मतदान अधिक हुआ है। लोकसभा चुनाव से पहले ही सभी कार्यकर्ता घर-घर जाकर सिद्धरामय्या सरकार की उपलब्धियों और नरेन्द्र मोदी सरकार की विफलता के बारे में जानकारी दें।

सिद्धरामय्या सरकार की उपलब्धियों के सिलसिले में कई पुस्तिाकाएं प्रकाशित की गई हैं। कई राज्यों में लोकसभा क्षेत्रों के लिए हुए उप चुनावों में भाजपा को पराजय का सामना करना पड़ा है। इससे स्पष्ट होता है कि मतदाता मोदी सरकार से निराश हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जद-एस को कोलार, चिकबल्लापुर, बेंगलूरु ग्रामीण, कुलबुर्गी, बीदर, दावणगेरे, चामराजनगर, मैसूर और अन्य क्षेत्र नहीं देगी।

भाजपा सत्ता पाने के लिए करती है विघटनकारी राजनीति: शिवकुमार
इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व जल संसाधन मंत्री डी.के. शिवकुमार ने चिंता जताते हुए कहा कि भाजपा पर अकुंश लगाना समय की जरूरत है। भाजपा व आरएसएस की गलतियों पर सार्वजनिक टिप्पणी करके उनके आरोपों का सार्वजनिक तौर पर जवाब देने पर ही उनके दुष्प्रचार पर अंकुश लगाया जा सकता है। विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के नेता समुदाय विशेष के लोगों की मौत के संबंध में भड़काऊ बयान देते थे, लेकिन चुनाव खत्म हो जाने के बाद उन्होंने इस बारे में मौन साध लिया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पाने के लिए ही भाजपा वाले समाज को बांटने तथा आग लगाने की राजनीति करते हैं। भाजपा की झूठ तथा फूट डालने की राजनीति के खिलाफ हमें संघर्ष करना होगा। सिद्धरामय्या सरकार ने राज्य को विकास में नंबर वन बनाया और पांच सालों तक भ्रष्टाचार रहित सरकार दी।

उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में भ्रष्ट, सांप्रदायिक, जातिवादी भाजपा के विरुद्ध संघर्ष करके केन्द्र में दोबारा कांग्रेस को सत्ता में लाकर राहुल गांधी को देश का प्रधानमंत्री बनाना है। युवाओं की ताकत की कांग्रेस को जरूरत है। शिवकुमार ने कहा कि मंत्री पद अस्थाई होता है जबकि कार्यकर्ता का पद स्थाई होता है और जनता के आशीर्वाद देने पर ही मंत्री पद मिलना संभव होता है। रिजवान अरशद ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी को पहली बार दिनेश गुंडूराव के रूप में युवा नेतृत्व मिला है।

ये भी पढ़ें

अदालत की फटकार के बाद चंद घंटों में हटे 5 हजार अवैध फ्लेक्स
Published on:
02 Aug 2018 05:44 pm
Also Read
View All