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अदालत की फटकार के बाद चंद घंटों में हटे 5 हजार अवैध फ्लेक्स

टूटी पालिका की तंद्रा: चौबीस घंटे में अवैध बैनर-पोस्टर हटाने का आश्वासन

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अदालत की फटकार के बाद चंद घंटों में हटे 5 हजार अवैध फ्लेक्स

बेंगलूरु. कर्नाटक उच्च न्यायालय की फटकार के बाद गुरुवार को बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) ने सिर्फ चंद घंटों में शहर से पांच हजार से ज्यादा अवैध बैनर, बंटिंग और फ्लेक्स हटा दिए बल्कि गुरुवार तक शहर से पूरी तरह अवैध तरीके से लगे बैनर-पोस्टर हटाने का काम पूरा करने आश्वासन भी अदालत को दिया।

इससे पहले बुधवार को अदालत की कार्यवाही शुरू होते ही मुख्य न्यायाधीश दिनेश माहेश्वरी और न्यायाधीश आर देवदास की पीठ ने पालिका को मौखिक तौर पालिका के वकील को तलब किया और दोपहर में 2.30 बजे तक शहर से सभी अवैध बैनर, बंटिंग और फ्लेक्स हटाने के निर्देश दिए।

जजों ने पालिका के वकील से कहा कि आज की कार्यसूची में 99 वें नंबर एक जनहित याचिका सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है जिसमें पालिका को अवैध तरीके से लगे बैनर, पोस्टर, बंटिंग और फ्लेक्स हटाने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है। जजों ने निर्देश दिए कि याचिका पर सुनवाई शुरू होने से पहले बैनर, बंटिंग और फ्लेेक्स आदि हट जाने चाहिए। अदालत ने इसके लिए दोपहर 2.30 बजे की समय सीमा तय कर दी।

जजों ने पालिका के वकील से पूछा कि क्या स्थानीय निकाय को कानून के मुताबिक काम करने के लिए अदालत के आदेश की आवयश्कता है। अदालत ने कहा कि अगर पालिका का प्रशासन काम करने में सक्षम नहीं है तो उसे इस मामले में दखल देना पड़ेगा। साथ ही अदालत ने चेतावनी दी कि अगर पालिका बैनर, पोस्टर, बंटिंग और फ्लेक्स आदि हटाने के सत्यापन के लिए वह अदालती आयुक्त (कोर्ट ेकमिश्रर) नियुक्ति कर सकती है। अदालत ने पालिका आयुक्त को कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने के साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को दोपहर बाद सुनवाई उपस्थित रहने के निर्देश दिए।

अदालत के आदेश की जानकारी पालिका के वकील ने पालिका आयुक्त एन मंजुनाथ प्रसाद को दी। प्रसाद ने तुरंत ही सभी 8 जोनों के प्रमुख को बाकी सभी काम तत्काल रोक सभी कर्मचारियों व संसाधन को अवैध बैनर-पोस्टर हटाने के काम पर लगाने के निर्देश दिए। साथ ही बैनर-पोस्टर हटाने के काम की तस्वीर भी पालिका अधिकारियों के सोशल मीडिया समूह में पोस्ट करने के निर्देश दिए ताकि अदालत में रिपोर्ट पेश किया जा सके। पालिका आयुक्त के निर्देश पर तुरंत सभी कर्मचारियों को अवैध फ्लेक्स हटाने के काम पर लगा दिया।

पालिका आयुक्त ने अधिकारियों को इस अभियान में व्यवधान डालने वालों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करने के निर्देश भी दिए। दोपहर बाद अदालत ने समाजिक कार्यकर्ता एम गौड़ा की जनहित याचिका पर सुनवाई की। गौड़ा ने अदालत से शहर में लगे 23 हजार से ज्यादा अवैध फ्लेक्स, बंटिंग और पोस्टर हटाने के लिए निर्देश देने की मांग की थी।

सुनवाई के दौरान पालिका ने अदालत को बताया कि उसने आदेश को काफी गंभीरता से लिया और दोपहर से अब तक पांच हजार से ज्यादा अवैध फ्लेक्स, बंटिंग और पोस्टर आदि हटाए जा चुके हैं। अदालत के यह पूछने पर कि पूरा शहर कब तक अवैध पोस्टर और फ्लेक्स आदि से मुक्त हो जाएगा, पालिका के वकील ने बताया कि चौबीस घंटे (गुरुवार) तक यह काम पूरा हो जाएगा।

अदालत ने पालिका को अवैध बैनर-फ्लेक्स से निपटने के लिए उपाय करने और उसके बारे मेें अगली सुनावाई के दौरान विवरण पेश करने के निर्देश दिए। अदालत ने टिप्पणी कि यह गंभीर समस्या है और इससे निपटने के लिए सख्त कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। सुनवाई के दौरान पालिका आयुक्त मंजुनाथ प्रसाद भी अदालत में मौजूद थे। इस मामले की अगली सुनवाई अब 8 अगस्त को होगी।