
मैसूरु. दशहरा महोत्सव के पूर्व ही इस वर्ष पर्यटकों को मैसूरु, मंड्या और चामराजनगर जिलों में जलपतोत्सव के दौरान प्राकृतिक जलस्रोतों में झिलमिल रोशनी की आकर्षक छटा देखने को मिलेगी। पर्यटन विभाग ने मैसूरु, मंड्या और चामराजनगर जिला प्रशासन के साथ मिलकर रंगारंग सांस्कृतिक पेशकश जलपतोत्सव के आयोजन की तैयारी की है, जिसके तहत मैसूरु जिले के चुनचुनकट्टे, मंड्या जिले के गगनचुक्की जलप्रपात और चामराज नगर के भरचुक्की जलप्रपात पर ये आयोजन होंगे।
पिछले कुछ वर्षों से लगातार सूखे की मार झेल रहे पुराने मैसूरु क्षेत्र में इस बार झमाझम बारिश हुई है, इसलिए बारिश का जश्र मनाने के लिए जलपतोत्सवका आयोजन होगा जो पर्यटकों को आकर्षित करेगा। तीनों जगहों पर दो-दो दिनों का जलाततोत्सव होगा और पर्यटन विभाग ने प्रत्येक आयोजन के लिए 50 लाख रुपए जारी किए हैं।
मैसूरु जिला उपायुक्त अभिराम जी. शंकर के अनुसार के.आर. नगर के चुनचुनकट्टे में 11 और 12 अगस्त को जलपतोत्सव मनाया जाएगा, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी करेंगे। मंड्या के गगनचुक्की जलप्रपात पर 15 और 16 अगस्त को जलपतोत्सव होगा, जबकि चामराजनगर के भरचुक्की जलप्रपात पर 18 और 19 अगस्त को यह आयोजन होगा। पर्यटकों को सांस्कृति कार्यक्रमों के अतिरिक्त झिलमिल रोशनी में जलप्रपातों की आकर्षक छटा देखने को मिलेगी।
पर्यटकों की सुरक्षा पर ध्यान
जलपतोत्सव के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कुछ महीने पूर्व ही चुनचुनकट्टे में जलप्रपात पर फोटाग्राफी करने के दौरान हुई दुर्घटना में केंद्रीय खाद्य तकनीक अनुसंधान संस्थान के एक वैज्ञानिक की पानी में गिरकर मौत हो गई थी। चूंकि सभी जलप्रपतों के आसपास चट्टानी इलाका है और बारिश होने के कारण फिसलने की संभावना भी बनी रहती है, इसलिए जलपतोत्सव के दौरान सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पर्यटन गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
पर्यटन विभाग का मानना है कि जलपतोत्सव से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटकों को न सिर्फ सांस्कृतिक कार्यक्रमों और झिलमिल रोशनी की आकर्षक छटा देखने को मिलेगी, बल्कि वे कई ऐतिहासिक स्मारकों और मंदिरों को भी देख पाएंगे। साथ ही पानी में अठखेलियां करने का अवसर मिलेगा जिससे वे परिवार के साथ छुट्टियों को रमणीय बना सकते हैं।