सुरेश हेबलीकर ने कहा कि मुद्दा सिर्फ रात्रिकालीन यातायात का विरोध करना है लेकिन यह देखना जरूरी है कि पश्चिमी घाट में हो क्या रहा है।
बेंगलूरु. बंडीपुर टाइगर रिजर्व में प्रस्तावित एलिवेटेड कोरिडोर का विरोध जोर पकडऩे लगा है। यहां शनिवार को फ्रीडम पार्क में स्कूल, कॉलेजों के छात्रों के अलावा आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल के नागरिक भी विरोध प्रदर्शन में शरीक हुए।
विरोध प्रदर्शन का आयोजन 'बंडीपुर फॉरएवरÓ के बैनर तले समान विचारधारा वाले नागरिक एवं संरक्षणवादियों की ओर से किया गया था। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मांग की कि सरकार दबाव के आगे नहीं झुके और इस प्रस्ताव को खारिज करे।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए पर्यावरणवादी सुरेश हेबलीकर ने कहा कि मुद्दा सिर्फ रात्रिकालीन यातायात का विरोध करना है लेकिन यह देखना जरूरी है कि पश्चिमी घाट में हो क्या रहा है।
बंडीपुर का संरक्षण और बचाव दक्षिण भारत को पारिस्थितिकी क्षति से बचाना है। इस विरोध प्रदर्शन में वायनाड प्रकृति संरक्षण समिति ने भी भाग लिया।
समिति के सचिव ए.थॉमस ने कहा कि केरल के पर्यावरणवादी इसका पुरजोर विरोध करते हैं। प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण और सड़क चौड़ीकरण के प्रस्ताव में दूरदर्शिता का अभाव है।