
कॉलेजों की प्रयोगशालाओं में जानवरों पर नहीं होगा परीक्षण
बेंगलूरु. प्री-यूनिवर्सिटी शिक्षा विभाग (डीपीयूइ) से संबद्ध प्रदेश के प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज अब प्रयोगशालाओं में जानवरों, पशुओं पक्षियों या अन्य जीव-जंतुओं पर प्रयोग नहीं कर सकेंगे।
पशुओं के हितों के लिए काम करने वाली संस्था पेटा (पीपल फॉर दि एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स) की पहल पर डीपीयूइ ने प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है।
डीपीयूइ के अधिकारियों के अनुसार पेटा ने सितंबर में इस संबंध में अपील की थी। डीपीयूइ ने इस संबंध में एक अधिसूचना जारी कर पीयू कॉलेजों को प्रयोगशालाओं गतिविधियों या व्यावहारिक कक्षाओं में किसी भी जानवर, पशु-पक्षी या जीव-जंतु का इस्तेमाल नहीं करने के लिए कहा है।
पशु कू्ररता रोकथाम अधिनियम 1960 की धारा 17(डी) के अनुसार शैक्षणिक संस्थान और अस्पताल जानवरों पर प्रयोग नहीं कर सकते। इसके बजाए, विद्यार्थियों को समझाने के लिए फोटोग्राफ, पाठ्यपुस्तकों या मल्टीमीडिया आदि का उपयोग हो।
उद्देश्य जानवरों, पशुओं या अन्य जीव-जंतुओं को दी जाने वाली अनावश्यक पीड़ा और कष्ट को रोकना है।
Published on:
11 Nov 2018, 5:18 PM IST
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