बैंगलोर

चुनौतियों के बावजूद एचएएल ने दर्ज किया मुनाफा

सूचीबद्ध होने के बाद कंपनी की पहली
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Updated: 29 Sep 2018, 8:15 PM IST
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चुनौतियों के बावजूद एचएएल ने दर्ज किया मुनाफा

और 55वीं वार्षिक साधारण बैठक


बेंगलूरु. शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद सार्वजनिक क्षेत्र की विमान निर्माता कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) की पहली वार्षिक आम बैठक यहां शुक्रवार को हुई। बैठक में एचएएल के नव नियुक्त अध्यक्ष आर माधवन ने कंपनी के वित्तीय परिणामों की घोषणा की और हितधारकों को संबोधित किया। उन्होंने कंपनी की आगामी योजनाओं के बारे में भी चर्चा की।

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान एचएएल ने 18 हजार 28 3.8 6 करोड़ रुपए का कारोबार किया जो कि अब तक का रिकॉर्ड है। गत वर्ष कंपनी ने 17 हजार 603.79 करोड़ रुपए का कारोबार किया था। आलोच्य अवधि में कंपनी का शुद्ध ब्याज 2070.41 करोड़ रुपए रहा जबकि कर पूर्व आय (पीबीटी) 3 हजार 322.8 4 करोड़ रुपए रहा। गत वर्ष कंपनी का पीबीटी 3 हजार 58 2.58 करोड़ रुपए रहा था। एचएएल की यह 55 वीं आम सभा थी जिसमें अध्यक्ष आर.माधवन ने हितधारकों की चिंताओं को भी संबोधित किया और विकास के हर अवसरों का लाभ उठाते हुए कंपनी के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।

उन्होंने कहा कि काफी चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने राजस्व और मुनाफे में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। इस अवधि में एचएएल ने 40 एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर तैयार किए जिसमें सुखोई-30 एमकेआई, हल्के लड़ाकू विमान तेजस, डोर्नियर-228 शामिल हैंं।वहीं रोटरी विंग में एएलएच धु्रव और चीतल हेलीकॉप्टरों का उत्पादन किया। समीक्षाधीन अवधि में कंपनी ने 105 नए इंजन उत्पादित किए जबकि 220 विमानों और हेलीकॉप्टरों की ओवरहॉलिंग की। इस दौरान 550 इंजन की ओवरहॉलिंग की गई। अंतरिक्ष कार्यक्रमों में भी एचएएल ने अहम भूमिका निभाते हुए 146 नए एयरो-स्ट्रक्चर उत्पादित किए।

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पुलिसकर्मियों ने जाना हृदय का हाल
मणिपाल. विश्व हृदय दिवस के उपलक्ष्य में कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज व अस्पताल, मणिपाल की ओर से उडुपी पुलिस के लिए आयोजित नि:शुल्क हृदय जांच शिविर में 500 पुलिसकर्मियों ने जांच कराई। उडुपी पलिस अधीक्षक लक्ष्मण निंबर्गी ने शिविर का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि 13 लाख की आबादी वाले जिले में 900 पुलिसकर्मी तैनात हैं। मामूली झगड़ों से लेकर बड़े अपराधों तक को सुलझाने में पुलिस विभाग की भूमिका अहम है। पुलिस पर काम का काफी दबाव रहता है। पुलिसकर्मियों को साल में कम-से-कम एक बार हृदय की जांच करानी चाहिए।

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