बैंगलोर

म्हारे जगदंबा रा नाम हजार कैसे लिखूं…

धर्मसभा में कलाकार राजेंद्र कुमावत व पार्टी ने राजस्थानी लोक भजनों की प्रस्तुति दी
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म्हारे जगदंबा रा नाम हजार कैसे लिखूं...

मैसूरु. राजस्थान मित्र मंडल के तत्वावधान में एचडीकोटे में हुणसुर मार्ग स्थित मंगल मंडप में शुक्रवार रात को मां भगवती जागरण आयोजित किया गया। प्रारंभ में मां भगवती की तस्वीर पर पुष्पहार अर्पित कर ज्योत प्रज्वलित किया गया और भोग चढ़ाया गया। पं सतीश ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। धर्मसभा में कलाकार राजेंद्र कुमावत व पार्टी ने नवरात्रि में नवदिन आवे मने घणा, मन भावे जी..., हिरदे मे राखु परदा में राखंू...,मायड़ थारो वो पूत कठे वो एकलिंग रो दिवान कठे वो महाराणा प्रताप कठे..., म्हारे जगदंबा रा नाम हजार कैसे लिखूं कंकुपतरी... आदि राजस्थानी लोक भजनों की प्रस्तुति दी।


डांडिया की धूम
मंड्या. सीरवी समाज नवयुवक मंडल, बेलूर क्रॉस की ओर से आइमाता बडेर प्रांगण में चल रहे डांडिया में युवक-युवतियां हिंदी गुजरती गरबा गीतों पर डांडिया नृत्य का आनंद ले रहे हैं। मंडल अध्यक्ष प्रीतेश आगलेचा ने बताया कि आइमाता का दरबार सजा है।'

मूल मुनि की जयंती मनाई
बेंगलूरु. राजाजीनगर स्थानक में साध्वी संयमलता, साध्वी अमितप्रज्ञा, कमलप्रज्ञा, सौरभप्रज्ञा आदि ठाणा चार के सान्निध्य में उपाध्याय प्रवर मूल मुनि की 97वीं जयंती जप दिवस के रूप में मनाई गई। सभा में साध्वी अमितप्रज्ञा ने कहा कि नवकार महामंत्र के चतुर्थ पद पर सुशोभित उपाध्याय प्रवर मूल मुनि का जन्म पाली में हुआ। जन्म से ही धर्म के प्रति गहरी श्रद्धा व आस्था रखते हैं। उनके पास सरस्वती भंडार की अक्षय निधि है। साध्वी सौरभप्रज्ञा ने कहा कि जाप दो चीज सिद्धि और प्रसिद्धि देता है। प्रसिद्धि की इच्छा से नहीं, सिद्धि की इच्छा से जाप करते हैं तो पाप, ताप, संताप का क्षय होता है। अष्ट दिवसीय लोगस्स साधना के तृतीय दिवस 350 श्रावकों ने भाग लिया। बाल संस्कार शिविर में 200 से अधिक बच्चों को व्यसन मुक्त जीवन और संस्कार युक्त जीवन जीने की बात समझाई गई।


श्रद्धालुओं ने की ध्यान, साधना
बेंगलूरु. वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, हनुमंतनगर के तत्वावधान में साध्वी सुमित्रा, साध्वी सुप्रिया के सान्निध्य में शनिवार को महाप्रभाविक पैंसठिया अनुष्ठान चौथे दिन भी गतिमान रहा। साध्वी सुप्रिया ने तीर्थंकर प्रभु की गुणस्तुति के साथ तीर्थंकर भगवान के विशेष प्रतीक चिह्नों पर श्रद्धालुओं को विधिवत ध्यान, साधना, आराधना करवाई। साध्वी सुदीप्ति ने पैंसठिया जाप अनुष्ठान का सस्वर 27 बार पारायण कराया।
साध्वी सुविधि ने वीर स्तुति के साथ भजन प्रस्तुत किए। संचालन युवा संघ के अध्यक्ष राजेश गोलेच्छा ने किया।

Updated on:
14 Oct 2018 05:16 pm
Published on:
14 Oct 2018 05:16 pm