11 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

युवावस्था में कर लेना चाहिए धर्म

जयमल जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में महावीर धर्मशाला में जयधुरन्धर मुनि ने श्रावक के बारह व्रतों पर कहा कि जब तक बुढ़ापा नहीं आ जाता, जब तक व्यक्ति रोगग्रस्त नहीं बन जाता तथा जब तक इंद्रियां शिथिल नहीं पड़ जातीं, तब तक धर्म ध्यान कर लेना चाहिए।

2 min read
Google source verification
युवावस्था में कर लेना चाहिए धर्म

युवावस्था में कर लेना चाहिए धर्म

बेंगलूरु. जयमल जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में महावीर धर्मशाला में जयधुरन्धर मुनि ने श्रावक के बारह व्रतों पर कहा कि जब तक बुढ़ापा नहीं आ जाता, जब तक व्यक्ति रोगग्रस्त नहीं बन जाता तथा जब तक इंद्रियां शिथिल नहीं पड़ जातीं, तब तक धर्म ध्यान कर लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि एक उम्र के पश्चात मनुष्य का शरीर इतना असमर्थ हो जाता है कि वो चाहते हुए भी धर्म नहीं कर पाता। युवावस्था में ही धर्म कर लेना चाहिए। संघ अध्यक्ष मीठालाल मकाणा ने बताया कि रविवार को दोपहर २.३० बजे नारी घर की धुरी विषय पर विशेष प्रवचन होंगे। १६ अक्टूबर से नौ दिवसीय नवपद आयंबिल ओली तप की आराधना शुरू होगी।

जैसा कर्म करोगे वैसा फल पाओगे
मैसूरु. वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, सिद्धार्थनगर सीआइटीबी परिसर में श्रुत मुनि ने कहा कि हर दिन शुभ है, हर समय अच्छा एवं उत्तम है। हमें समय का सदुपयोग करते हुए सद्कर्म, सद्विचार, सद्गुण धारण करने का प्रयास करना चाहिए।


कर्म हमें मोक्ष एवं नरक की यात्रा करवाते हंै। उन्होंने कहा कि शुभ, अशुभ फल प्रदाता है। सुख एवं दु:ख पहुंचने वाले हैं। व्यक्ति की उन्नति एवं अवन्नति भी कर्मों द्वारा ही होती है। शास्त्रों में भी लिखा है जैसा कर्म करोगे वैसा पाओगे। सर्वत्र जगत में कर्मों को कोई नहीं मोड़ सकता है, न ही रिश्वत देकर टाला जा सकता है। कर्म ही व्यक्ति को हंसाता है एवं कर्म ही रुलाता है। कर्म उदय में आए तो भाई-भाई दुश्मन बन जाते हैं एवं अपरिचित व्यक्ति भी मित्र बन जाता है।


कर्म भव तक आत्मा के साथ बंधे हुए होते हैं। अत: कर्म उदय में आए तो समभाव से स्वीकारना, धर्म की डोर में बंधे रहना एवं धैर्यवान गंभीर बनते हुए कर्म निर्जरा का समावेश जीवन में करना। आत्मा के लिए इस भव एवं भव-भव के लिए हितकर है। प्रमोद श्रीमाल ने बताया कि पंच दिवसीय बाल संस्कार शिविर गतिमान है।