बैंगलोर

स्टिंग वीडियो पर कांग्रेस-भाजपा में जुबानी जंग

मामला कुछ साल पुराना बताया जा रहा है जब श्रीरामुलू मंत्री हुआ करते थे

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बेंगलूरु. विधानसभा चुनाव प्रचार खत्म होने से कुछ समय पहले प्रदेश कांग्रेस ने एक कथित स्टिंग वीडियो जारी कर भाजपा नेता व पूर्व मंत्री बी श्रीरामुलू पर सर्वोच्च न्यायालय के एक जज को अनुकूल फैसले के लिए कथित तौर पर रिश्वत देने का आरोप लगाया। हालांकि, भाजपाा ने इसे तुरंत ही फर्जी स्टिंग करार दिया।

प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष दिनेश गुंडूराव और गृह मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कथित स्टिंग का वीडियो जारी करते हुए आरोप लगाया कि श्रीरामुलू एक खनन कंपनी से जुड़े मामले में अनुकूल फैसले के लिए जज को रिश्वत देने की बात करते हुए पकड़े गए हैं। मामला कुछ साल पुराना बताया जा रहा है जब श्रीरामुलू मंत्री हुआ करते थे।

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दिनेश और रेड्डी ने कहा कि बार-बार कांग्रेस पर भ्रष्टाचार को लेकर हमला बोलने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने इन नेताओं के कृत्यों पर भी बोलना चाहिए।उधर, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अभी बहुत सारे फर्जी वीडियो सामने आ रहे हैं। इन पर ऐसे ही भरोसा नहीं किया जा सकता। पहले ये साबित होने दीजिए कि यह असली है या फर्जी। इस पर पलटवार करते हुए दिनेश ने कहा कि शाह कोई फोरेंसिक विशेषज्ञ नहीं हैं। पहले निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच हो, फिर सामने आ जाएगा कि वीडियो है असली या नकली।

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पहली बार बूथ पर तैनात होंगी एम्बुलेंस
बेंगलूरु. चुनाव प्रक्रिया में पहली बार मतदान केंद्रों के समीप एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध होगी। आपात स्थिति में बूथ पर तैनात कर्मचारियों और सुरक्षा बलों के जवानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने यह निर्णय किया है। 12 मई को प्रदेश भर के बूथों पर 108 एम्बुलेंस के 650 वाहनों की तैनाती होगी, जिसमें 70 बेंगलूरु शहर में होंगे।

इसके लिए प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सेमिलकर सरकारी एवं निजी अस्पतालों से एम्बुलेंस मुहैया करवाने को कहा है। अतिरिक्त मुख्य चुनाव अधिकारी उज्ज्वल कुमार घोष ने बताया कि इससे पूर्व हुए चुनावों में स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाई जाती रही हैं, मगर इस बार इनका विस्तार किया गया है। पिछली बार इन पर होने वाले खर्च को लेकर असहज स्थिति बनी थी, अब स्वास्थ्य विभाग यह खर्च उठाने को राजी हुआ है।

सरकारी अस्पतालों में उपचार नि:शुल्क होगा, जबकि निजी अस्पतालों का खर्च प्रदेश सरकार पूरा करेगी। एम्बुलेंस के साथ व्हीलचेयर की भी व्यवस्था की गई है। एम्बुलेंस के कर्मचारी, अस्पताल और चिकित्सकों के नंबर मुहैया करवाने की जिम्मेदारी जिला एवं तालुक स्वास्थ्य अधिकारियों की होगी। स्वास्थ्य आयुक्त एमवी सावित्री ने कहा कि एम्बुलेंस में चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ और नर्सों की तैनाती रहेगी।

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Published on:
11 May 2018 06:35 pm
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