बैंगलोर

कर्नाटक में SIR पर फिर घमासान, Form 7 को लेकर डीके शिवकुमार का बड़ा आरोप; बोले- वोटरों के नाम हटाने की कोशिश

Karnataka SIR Latest News: कर्नाटक में SIR को लेकर विवाद फिर बढ़ गया है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने आरोप लगाया कि Form 7 के जरिए बड़ी संख्या में वोटरों के नाम हटाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने पुलिस और चुनाव अधिकारियों से इस मामले की जानकारी मांगी है।
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Oct 01, 2026
Karnataka SIR
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने SIR प्रक्रिया में Form 7 के कथित गलत इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए हैं। (फोटो सोर्स-ANI)

DK Shivakumar: कर्नाटक में वोटर लिस्ट को लेकर विवाद एक बार फिर बढ़ गया है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने SIR को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि Form 7 का इस्तेमाल बड़ी संख्या में वोटरों के नाम हटाने के लिए किया जा रहा है। शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने इस मामले में पुलिस, डिप्टी कमिश्नरों और राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी से पूरी जानकारी मांगी है।

शिवकुमार ने कहा कि जो लोग सही वोटर हैं, उनका नाम वोटर लिस्ट में रहना चाहिए और उन्हें वोट देने का पूरा अधिकार मिलना चाहिए। उनके मुताबिक, Form 7 के जरिए बड़ी संख्या में वोटरों के नाम हटाने की मांग की गई है। उन्होंने खास तौर पर उन फॉर्म की जानकारी मांगी है, जो एक साथ बड़ी संख्या में जमा किए गए हैं।

Form 7 क्या है और इसे लेकर सवाल क्यों?

Form 7 का इस्तेमाल वोटर लिस्ट में किसी व्यक्ति का नाम हटाने की मांग करने के लिए किया जाता है। अगर किसी व्यक्ति की मौत हो गई है, वह दूसरी जगह चला गया है या किसी और वजह से उसका नाम हटना चाहिए, तो इस फॉर्म के जरिए आपत्ति दी जा सकती है।

SIR के दौरान इसी Form 7 को लेकर कर्नाटक में सवाल उठ रहे हैं। शिवकुमार का कहना है कि अगर एक साथ बहुत सारे Form 7 जमा किए गए हैं, तो यह जांचना जरूरी है कि इन्हें किसने जमा किया और नाम हटाने की वजह सही है या नहीं।

उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में वोटरों के नाम पहले ही वोटर लिस्ट से बाहर हो चुके हैं। हालांकि, किसी नाम को हटाने का अंतिम फैसला चुनाव अधिकारियों की जांच और तय नियमों के मुताबिक ही होता है।

किन वोटरों पर असर की चिंता?

डीके शिवकुमार ने आरोप लगाया कि अगर Form 7 का गलत इस्तेमाल हुआ तो इसका असर अल्पसंख्यक, पिछड़े वर्ग, SC और ST समुदाय के वोटरों पर पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि इस मामले में पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। इसी वजह से उन्होंने पुलिस और दूसरे अधिकारियों से आंकड़े मांगे हैं, ताकि यह पता चल सके कि कितने Form 7 जमा हुए और उनमें क्या जानकारी दी गई है।

कर्नाटक में कितने वोटरों की जांच हो रही?

कर्नाटक में SIR के तहत बड़ी संख्या में वोटरों की जानकारी की जांच हो रही है। अगस्त में जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर शिवकुमार ने बताया था कि राज्य के करीब 5.54 करोड़ वोटरों में से 1.08 करोड़ नाम ASDDO श्रेणी में रखे गए हैं।

इसमें ऐसे लोग शामिल हैं जो घर पर नहीं मिले, दूसरी जगह जा चुके हैं, जिनकी मौत हो चुकी है या जिनके नाम को लेकर दूसरी वजह से जांच की जरूरत है। करीब 43.8 लाख वोटरों को नोटिस दिए जाने की बात भी सामने आई थी।

चुनाव आयोग ने क्या कहा?

कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी पहले ही साफ कर चुके हैं कि किसी वोटर को नोटिस मिलने का मतलब यह नहीं है कि उसका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है।

नोटिस मिलने पर वोटर से अपनी जानकारी की पुष्टि करने और जरूरी कागज देने को कहा जाता है। अधिकारियों के मुताबिक, SIR के दौरान घर-घर जाकर भी वोटरों की जानकारी जांची जा रही है।

अब Form 7 को लेकर डीके शिवकुमार के आरोपों के बाद सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में कितने फॉर्म सामने आते हैं और उनमें दी गई जानकारी कितनी सही पाई जाती है।

Updated on:
01 Oct 2026 10:40 am
Published on:
01 Oct 2026 10:40 am